26 फरवरी, 2026, गोवा
भाकृअनुप-केन्द्रीय तटीय कृषि अनुसंधान संस्थान, गोवा ने आज भाकृअनुप-केवीके, उत्तर गोवा, में ‘काजू के उत्पादन, प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन में प्रगति’ विषय पर एक दिवसीय जिला स्तरीय संगोष्ठी का आयोजन किया। इस कार्यक्रम को काजू एवं कोको विकास निदेशालय, कोच्चि, केरल द्वारा प्रायोजित किया गया।
उद्घाटन सत्र के दौरान श्री दत्तप्रसाद देसाई, उप-निदेशक, कृषि, गोवा सरकार, विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने प्रति वृक्ष उत्पादकता बढ़ाने हेतु उन्नत उच्च उपज देने वाली किस्मों के साथ नए बागानों की स्थापना के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने स्थानीय रूप से उपलब्ध जैविक इनपुट्स का उपयोग करते हुए जैविक रूप से काजू की खेती को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
डॉ. परवीन कुमार, निदेशक, भाकृअनुप-सीसीएआरआई, ने बताया कि गोवा में काजू उत्पादकता बढ़ाने के लिए पुराने (जीर्ण) काजू बागानों को नवीनतम उच्च उपज देने वाली किस्मों से प्रतिस्थापित किया जाना चाहिए।
वरिष्ठ अधिकारियों ने भाकृअनुप-सीसीएआरआई में किए गए काजू अनुसंधान कार्यों तथा गोवा की काजू किस्मों के विकास की संक्षिप्त समीक्षा प्रस्तुत की।
एक दिवसीय संगोष्ठी के दौरान विशेषज्ञ वैज्ञानिकों ने उच्च उपज देने वाली किस्मों, उत्पादन प्रौद्योगिकियों, कीट एवं रोग प्रबंधन, काजू के प्रसंस्करण तथा मूल्य संवर्धन पर व्याख्यान दिया। प्रतिभागियों को विभिन्न प्रदर्शन प्लॉट, ग्राफ्टिंग तकनीक तथा नर्सरी प्रबंधन प्रथाओं से भी अवगत कराया गया।
इस संगोष्ठी में गोवा से कुल 120 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें गोवा राज्य कृषि विभाग के 20 प्रसार अधिकारी भी शामिल थे।
(स्रोत: भाकृअनुप-केन्द्रीय तटीय कृषि अनुसंधान संस्थान, गोवा)







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