2 अप्रैल, 2026, भुवनेश्वर
भाकृअनुप– केन्द्रीय मीठा जल जलीय कृषि संस्थान (भाकृअनुप-सिफा), भुवनेश्वर ने आज “मत्स्य ज्ञान उत्सव 2026” का आयोजन किया, जिसमें 12 से अधिक स्कूलों एवं कॉलेजों से आए 1,000 से अधिक छात्रों तथा 55 शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। ये प्रतिभागी भुवनेश्वर, पुरी एवं आसपास के क्षेत्रों से थे।
कार्यक्रम का उद्घाटन डॉ. जे.के. जेना, उप-महानिदेशक (मत्स्य विज्ञान एवं कृषि शिक्षा), भाकृअनुप, द्वारा किया गया। अपने उद्घाटन संबोधन में उन्होंने छात्रों को मत्स्य पालन एवं एक्वाकल्चर की खाद्य एवं पोषण सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में बताया। उन्होंने एक्वाकल्चर में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की प्रगति, वर्तमान में मछली उत्पादन को प्रभावित करने वाले नवाचारों तथा भविष्य की मांगों को पूरा करने के लिए सतत एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने छात्रों को वैज्ञानिक जिज्ञासा विकसित करने और मत्स्य एवं संबद्ध क्षेत्रों में करियर के अवसर तलाशने के लिए प्रेरित किया।

डॉ. पी.के. साहू, निदेशक, भाकृअनुप-सिफा, ने कहा कि “मत्स्य ज्ञान उत्सव” एक सार्थक पहल है, जो युवा मस्तिष्कों में जिज्ञासा जगाने तथा उन्हें एक्वाकल्चर के गतिशील क्षेत्र से जोड़ने का कार्य करती है। उन्होंने बताया कि ऐसे अनुभव छात्रों की वैज्ञानिक समझ को गहरा करने के साथ-साथ उन्हें मत्स्य पालन, जैव प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरणीय स्थिरता के क्षेत्र में करियर अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे।
यह कार्यक्रम भाकृअनुप-सिफा की प्रमुख विज्ञान प्रसार एवं सामुदायिक सहभागिता पहल के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य स्कूल तथा कॉलेज के छात्रों को मीठे पानी के एक्वाकल्चर की दुनिया से परिचित कराना और खाद्य सुरक्षा, आजीविका सृजन तथा पर्यावरणीय स्थिरता में इसके महत्व को समझाना था। संस्थान के कौशल्य गंगा परिसर में आयोजित इस एक दिवसीय कार्यक्रम में प्रदर्शनी, लाइव प्रदर्शन और इंटरैक्टिव वैज्ञानिक गतिविधियों का आकर्षक समावेश किया गया, जो विशेष रूप से युवा छात्रों के लिए तैयार किए गए थे। यह पहल हैदराबाद स्थित नेशनल फिशरीज डेवलपमेंट बोर्ड (एनएफडीबी) के सहयोग से आयोजित की गई।

छात्रों ने पूरे दिन सुव्यवस्थित समूहों में कार्यक्रम में भाग लिया और एक निर्धारित कार्यक्रम के तहत विभिन्न गतिविधियों में शामिल हुए। इनमें लाइव मछली कटाई (हार्वेस्ट) का प्रदर्शन, एक्वाकल्चर से संबंधित वृत्तचित्रों का प्रदर्शन, मछलियों की विस्तृत प्रदर्शनी, ड्रोन प्रदर्शन तथा कई रोचक शैक्षणिक गतिविधियां शामिल थीं। कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण 25 एक्वेरियम का प्रदर्शन था, जिसमें मीठे पानी की मछलियों की समृद्ध जैव विविधता प्रदर्शित की गई। इसके अतिरिक्त, भाकृअनुप-सिफा के वैज्ञानिकों द्वारा संचालित प्रायोगिक सत्रों में छात्रों ने जल गुणवत्ता परीक्षण, मछली आहार निर्माण और मछली स्वास्थ्य प्रबंधन जैसे विषयों पर व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया। इन इंटरैक्टिव गतिविधियों के माध्यम से उन्हें वैज्ञानिक उपकरणों के साथ सीधे काम करने और एक्वाकल्चर की प्रक्रियाओं को समझने का अवसर मिला।
कार्यक्रम का समापन छात्रों एवं शिक्षकों की अत्यंत सकारात्मक प्रतिक्रिया के साथ हुआ। उन्होंने वैज्ञानिकों तथा शोधकर्ताओं के साथ प्रत्यक्ष संवाद और कक्षा के बाहर विज्ञान के वास्तविक अनुप्रयोगों को समझने के अवसर की सराहना की। “मत्स्य ज्ञान उत्सव 2026” के माध्यम से भाकृअनुप-सिफा ने एक बार फिर युवा पीढ़ी में वैज्ञानिक जागरूकता बढ़ाने और एक्वाकल्चर तथा संबद्ध विज्ञानों में भविष्य की प्रतिभाओं को प्रेरित करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।
(स्रोत: भाकृअनुप– केन्द्रीय मीठा जल जलीय कृषि संस्थान, भुवनेश्वर)







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