19 सितंबर 2026, कोच्चि
भाकृअनुप-केन्द्रीय समुद्री मात्स्यिकी अनुसंधान संस्थान, कोच्चि ने स्वच्छता ही सेवा 2026 के हिस्से के रूप में विभिन्न सार्वजनिक स्थानों तक स्वच्छता, पर्यावरणीय जिम्मेदारी तथा सामुदायिक भागीदारी का संदेश पहुंचाया।
भाकृअनुप-सीएमएफआरआई की वरिष्ठ महिला वैज्ञानिकों और कर्मचारियों की एक टीम ने सेवानिवृत्त कर्मियों और शोधार्थियों के साथ केरल के साइलेंट वैली राष्ट्रीय उद्यान का दौरा किया और जागरूकता अभियान के तहत आगंतुकों के साथ संवाद किया। टीम ने आगंतुकों को कचरा फैलाने से बचने, उचित अपशिष्ट पृथक्करण, पुनर्चक्रण और प्राकृतिक पारिस्थितिक तंत्रों की सुरक्षा के लिए आवश्यक जिम्मेदार व्यवहार के प्रति जागरूक किया।

संवाद के दौरान, टीम ने संरक्षित प्राकृतिक आवासों के संवेदनशील पर्यावरण की सुरक्षा और भावी पीढ़ियों के लिए इन पारिस्थितिक तंत्रों के संरक्षण में आगंतुकों के जिम्मेदार व्यवहार के महत्व पर जोर दिया।
स्वच्छता का संदेश तट तक पहुंचा
स्वच्छता ही सेवा के संदेश को तटीय क्षेत्र तक पहुंचाते हुए, भाकृअनुप-सीएमएफआरआई के तूतीकोरिन क्षेत्रीय केन्द्र ने वी कैन ट्रस्ट के सहयोग और तूतीकोरिन नगर निगम के समर्थन से तूतीकोरिन में तटीय स्वच्छता अभियान आयोजित किया।
इस कार्यक्रम की शोभा तमिलनाडु सरकार के मत्स्य पालन और मछुआरा कल्याण मंत्री श्री ए. श्रीनाथ और तूतीकोरिन नगर निगम की आयुक्त, आईएएस, श्रीमती एस. प्रियंका ने बढ़ाई।
भाकृअनुप-सीएमएफआरआई के कर्मचारियों द्वारा एर्नाकुलम जिले के कन्नमाली स्थित सेंट एंटनीज लोअर प्राइमरी स्कूल में आयोजित जागरूकता उन्मुख चित्रकला प्रतियोगिता के माध्यम से यह अभियान युवा मन तक भी पहुंचा। इस गतिविधि ने बच्चों को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के महत्व के प्रति जागरूक करने के लिए एक आकर्षक मंच प्रदान किया।

स्वच्छता ही सेवा 2026 को कोच्चि स्थित भाकृअनुप-सीएमएफआरआई मुख्यालय और इसके क्षेत्रीय केन्द्रों तथा अनुसंधान केंद्रों में विभिन्न स्वच्छता एवं साफ-सफाई गतिविधियों के माध्यम से मनाया जा रहा है। अभियान के तहत समुद्र तटों, तटीय क्षेत्रों, सार्वजनिक स्थानों और अन्य सामुदायिक स्थलों पर भी स्वच्छता अभियान आयोजित किए जा रहे हैं।
इन पहलों के माध्यम से, भाकृअनुप-सीएमएफआरआई “स्वच्छता में सहभाग, स्वच्छ भारत, विकसित भारत” के संदेश को सुदृढ़ कर रहा है, जिसमें स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और एक स्वच्छ एवं स्वस्थ समाज के निर्माण में सामुदायिक भागीदारी को एक प्रमुख तत्व के रूप में रेखांकित किया गया है।
(स्रोत: भाकृअनुप-केन्द्रीय समुद्री मात्स्यिकी अनुसंधान संस्थान, कोच्चि)







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