16 सितंबर, 2026, कोच्चि
भाकृअनुप-केन्द्रीय समुद्री मात्स्यिकी अनुसंधान संस्थान, कोच्चि ने ‘मत्स्यमेट्री’ नामक एक स्मार्टफोन एप्लिकेशन विकसित किया है, जो मछलियों को भौतिक रूप से छुए बिना उनकी लंबाई और चौड़ाई मापने में सक्षम बनाता है।
यह एप्लिकेशन जलीय संसाधनों के स्वचालित मापन और मात्स्यिकी स्टॉक आकलन के लिए मानकीकृत लंबाई-आवृत्ति डेटा तैयार करने पर केंद्रित एक परियोजना के तहत विकसित किया गया है। मत्स्यमेट्री एक बुद्धिमान, छवि-आधारित मापन उपकरण का उपयोग करता है, जो उपयोगकर्ताओं को मछलियों की तस्वीरें लेने और उनके आयामों का अनुमान लगाने की सुविधा देता है। माप स्वतः दर्ज किए जाते हैं और लंबाई-आवृत्ति डेटासेट में संकलित किए जाते हैं, जो मात्स्यिकी आबादी के विश्लेषण, स्टॉक आकलन और संसाधन निगरानी में सहायता कर सकते हैं।

डॉ. ग्रिन्सन जॉर्ज, निदेशक, भाकृअनुप-सीएमएफआरआई के अनुसार, यह एप्लिकेशन मापों को स्वचालित रूप से दर्ज करने और लंबाई-आवृत्ति डेटासेट तैयार करके जैविक डेटा के संग्रह को सरल बनाता है। मात्स्यिकी वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और क्षेत्रीय सर्वेक्षण दलों के लिए डिजाइन किया गया मत्स्यमेट्री, मात्स्यिकी आकलन और प्रबंधन में सहायता के लिए जैविक डेटा के त्वरित और व्यवस्थित संग्रह को सक्षम बनाता है।
यह एप्लिकेशन एक ही मछली प्रजाति या जलीय संसाधन के कई जीवों का एकल सैंपलिंग सत्र के दौरान मापन करने की सुविधा देता है। मापन पूरा होने पर, यह प्रणाली उपयुक्त वर्ग-अंतराल का उपयोग करके स्वचालित रूप से लंबाई-आवृत्ति वितरण तैयार करती है। दर्ज किए गए माप, संबंधित तस्वीरों के साथ, सैंपलिंग सत्र के साथ सुरक्षित किए जा सकते हैं और बाद में आगे के वैज्ञानिक विश्लेषण के लिए सीसीवी फाइल के रूप में निर्यात किए जा सकते हैं।
भाकृअनुप-सीएमएफआरआई के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं भाकृअनुप राष्ट्रीय फेलो ने एप्लिकेशन विकसित किया है। उन्होंने बताया कि मत्स्यमेट्री का उद्देश्य क्षेत्रीय सर्वेक्षणों के दौरान जैविक डेटा संग्रह को सरल बनाना और वैज्ञानिक आकलन तथा संसाधन निगरानी के लिए मात्स्यिकी डेटा के अधिक व्यवस्थित उत्पादन को सक्षम करना है।

मत्स्यमेट्री को ARCore-समर्थित एंड्रॉइड उपकरणों के लिए डिजाइन किया गया है। पंजीकरण और लॉगिन के बाद, उपयोगकर्ता एक सैंपलिंग सत्र बना सकते हैं, स्मार्टफोन के कैमरे को एक समतल सतह की ओर कर सकते हैं और मछली को कैमरे के दृश्य में रख सकते हैं। एप्लिकेशन सतह का पता लगाता है और मछली की लंबाई और चौड़ाई का अनुमान लगाने के लिए स्क्रीन पर मापन गाइड प्रदान करता है।
इस परियोजना को भारत सरकार के कृषि अनुसंधान और शिक्षा विभाग (डेयर) के अंतर्गत भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (भाकृअनुप) द्वारा आईसीएआर-राष्ट्रीय फेलो परियोजना के माध्यम से समर्थन प्रदान किया गया है।
(स्रोत: भाकृअनुप-केन्द्रीय समुद्री मात्स्यिकी अनुसंधान संस्थान, कोच्चि)







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