भाकृअनुप-सीआईएफआरआई, बैरकपुर ने लाहौल एवं स्पीति में स्वच्छता अभियान 2026 के तहत नदी तट पर स्वच्छता अभियान चलाया

भाकृअनुप-सीआईएफआरआई, बैरकपुर ने लाहौल एवं स्पीति में स्वच्छता अभियान 2026 के तहत नदी तट पर स्वच्छता अभियान चलाया

2 अक्टूबर, 2026, लाहौल एवं स्पीति

गांधी जयंती के अवसर पर भाकृअनुप-केन्द्रीय अंतर्देशीय मत्स्य अनुसंधान संस्थान, बैरकपुर ने स्वच्छता अभियान 2026 के तहत हिमाचल प्रदेश के लाहौल एवं स्पीति जिले के एक सुदूर गांव उदयपुर में स्वच्छता एवं साफ-सफाई अभियान आयोजित किया।

सुंदर चंद्रभागा नदी के किनारे स्थित उदयपुर एक सुदूर और पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील हिमालयी बस्ती है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य गांव के आसपास, विशेष रूप से नदी तट की स्वच्छता बनाए रखना तथा स्वच्छ और स्वस्थ जलीय पारिस्थितिकी तंत्र के महत्व के बारे में जागरूकता पैदा करना था।

अभियान के तहत, सीआईएफआरआई की टीम ने नदी तट पर स्वच्छता अभियान चलाया तथा आसपास के क्षेत्रों से प्लास्टिक कचरा, पॉलीथिन, फेंकी गई सामग्री और अन्य कचरे को एकत्र कर हटाया। इस गतिविधि ने नाजुक हिमालयी नदी पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा में समुदायों और आगंतुकों की साझा जिम्मेदारी को रेखांकित किया।

ICAR-CIFRI, Barrackpore Conducts Riverbank Cleanliness Drive under Swachhata Abhiyan 2026 in Lahaul & Spiti

समुद्र तल से लगभग 10,040 फीट की ऊंचाई पर स्थित अटल सुरंग पोर्टल पर भी स्वच्छता एवं जागरूकता अभियान चलाया गया। देश के विभिन्न हिस्सों से इस प्रसिद्ध स्थल पर आने वाले पर्यटकों को स्वच्छता पहल में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया और उन्हें जिम्मेदार अपशिष्ट निपटान तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।

इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए भाकृअनुप-सीआईएफआरआई के निदेशक डॉ. प्रदीप डे ने जोर देते हुए कहा कि “स्वच्छता केवल सफाई की गतिविधि नहीं है; यह हमारे प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा और स्वस्थ भविष्य सुनिश्चित करने की सामूहिक प्रतिबद्धता है। हिमालयी नदियां जलीय जैव विविधता, आजीविका तथा समुदायों को सहारा देने वाली महत्वपूर्ण जीवनरेखाएं हैं।

इन पारिस्थितिकी तंत्रों को स्वच्छ बनाए रखने के लिए निरंतर जन भागीदारी, जिम्मेदार पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण की मजबूत भावना आवश्यक है उन्होंने आगे कहा कि सुदूर ऊंचाई वाले हिमालयी गांवों तक स्वच्छता का संदेश पहुंचाने से जन भागीदारी की भावना मजबूत होती है और स्वच्छ, स्वस्थ तथा पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार भारत के व्यापक दृष्टिकोण में योगदान मिलता है।

ICAR-CIFRI, Barrackpore Conducts Riverbank Cleanliness Drive under Swachhata Abhiyan 2026 in Lahaul & Spiti

इस अवसर पर विशेषज्ञों ने जलीय जैव विविधता, पारिस्थितिक संतुलन और मानव कल्याण के लिए स्वच्छ नदियों के महत्व पर जोर दिया तथा मानव, पशु और पर्यावरणीय स्वास्थ्य को जोड़ने वाले वन हेल्थ दृष्टिकोण पर प्रकाश डाला।

इस पहल ने स्वच्छ नदियों, स्वस्थ जलीय पारिस्थितिकी तंत्र और सामुदायिक भागीदारी के प्रति आईसीएआर-सीआईएफआरआई की प्रतिबद्धता को दोहराया तथा स्वच्छता की भावना को एक दिन तक सीमित रखने के बजाय निरंतर पर्यावरणीय जिम्मेदारी की दिशा में आगे बढ़ाया।

(स्रोत: भाकृअनुप-केन्द्रीय अंतर्देशीय मत्स्य अनुसंधान संस्थान, बैरकपुर)

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