भाकृअनुप-सीआईएआरआई, श्री विजयपुरम एवं कृषि विज्ञान केन्द्रों द्वारा अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में खेत बचाओ अभियान का शुभारंभ

भाकृअनुप-सीआईएआरआई, श्री विजयपुरम एवं कृषि विज्ञान केन्द्रों द्वारा अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में खेत बचाओ अभियान का शुभारंभ

भाकृअनुप-केन्द्रीय द्वीप कृषि अनुसंधान संस्थान (सीआईएआरआई), श्री विजयपुरम ने दक्षिण अंडमान, उत्तर एवं मध्य अंडमान तथा कार निकोबार स्थित अपने कृषि विज्ञान केन्द्रों (केवीके) के साथ मिलकर अंडमान एवं निकोबार प्रशासन के कृषि विभाग तथा केंद्र शासित प्रदेश कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण (एटीएमए), अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह के सहयोग से पूरे अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में “खेत बचाओ अभियान” का शुभारंभ किया।

इस अभियान की शुरुआत किसानों में जागरूकता बढ़ाने तथा ग्राम स्तर पर पहुंच कार्यक्रमों, व्यावहारिक प्रदर्शनों और तकनीकी मार्गदर्शन के माध्यम से टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई है। अभियान के प्रमुख फोकस क्षेत्रों में नियमित मृदा परीक्षण के माध्यम से मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, संतुलित एवं कुशल उर्वरक उपयोग, दलहन, तिलहन एवं कपास मिशनों के अंतर्गत उपलब्ध अवसरों के प्रति जागरूकता तथा किसानों के लिए उपलब्ध विभिन्न सरकारी योजनाओं, अनुदानों और सहायता कार्यक्रमों की जानकारी का प्रसार शामिल है।

इस पहल के अंतर्गत आदान विक्रेताओं, प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पीएसीएस) के सदस्यों, सहकारी समितियों, वर्तमान एवं पूर्व सरपंचों, जिला परिषद सदस्यों, सामुदायिक प्रतिनिधियों, कृषि नवप्रवर्तकों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी), कस्टम हायरिंग केन्द्रों (सीएचसी) तथा प्रगतिशील किसानों को शामिल करते हुए हितधारक-उन्मुख पहुंच कार्यक्रमों की एक श्रृंखला आयोजित करने के लिए एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य द्वीपों के कृषि समुदायों के बीच वैज्ञानिक कृषि ज्ञान तथा सरकारी पहलों के प्रसार को सुदृढ़ करना है।

Khet Bachao Abhiyan Launched Across Andaman & Nicobar Islands by ICAR-CIARI, Sri Vijaya Puram and KVKs

अभियान के अंतर्गत उद्घाटन कार्यक्रम दक्षिण अंडमान के नमूनाघर में आयोजित किया गया, जिसमें 30 किसानों ने भाग लिया। कार्यक्रम में भाकृअनुप-सीआईएआरआई तथा भाकृअनुप-केवीके दक्षिण अंडमान के वैज्ञानिकों, अंडमान एवं निकोबार प्रशासन के कृषि विभाग के अधिकारियों तथा स्थानीय किसानों ने भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन के महत्व पर बल दिया तथा किसानों को वैज्ञानिक पोषक तत्व प्रबंधन के लिए नियमित मृदा परीक्षण कराने के लिए प्रोत्साहित किया। प्रतिभागियों को संतुलित उर्वरक उपयोग के लाभों के बारे में जागरूक किया गया, जिससे फसल उत्पादकता में वृद्धि, खेती की लागत में कमी तथा दीर्घकालिक मृदा उर्वरता बनाए रखने में सहायता मिलती है। कृषि उत्पादन एवं आजीविका के अवसरों में सुधार के लिए किसानों के साथ विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं कृषि सहायता कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी भी साझा की गई।

“खेत बचाओ अभियान” अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह के विभिन्न गांवों में जारी रहेगा, जिसका उद्देश्य अधिक से अधिक कृषि समुदाय तक पहुंच बनाना तथा वैज्ञानिक हस्तक्षेपों और प्रभावी विस्तार सेवाओं के माध्यम से टिकाऊ, जलवायु-अनुकूल और लाभकारी कृषि को बढ़ावा देना है।

(स्रोत: भाकृअनुप-केन्द्रीय द्वीप कृषि अनुसंधान संस्थान, श्री विजयपुरम, अंडमान एवं निकोबार)

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