भाकृअनुप-सीआईएआरआई, श्री विजय पुरम द्वारा उर्वरकों और जैविक खादों के संतुलित उपयोग पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

भाकृअनुप-सीआईएआरआई, श्री विजय पुरम द्वारा उर्वरकों और जैविक खादों के संतुलित उपयोग पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

5 जून, 2026, लक्षद्वीप

मेरा गांव मेरा गौरव (एमजीएमजी) कार्यक्रम के अंतर्गत राष्ट्रव्यापी खेत बचाओ अभियान (1–30 जून, 2026) के तहत आज भाकृअनुप-केन्द्रीय द्वीपीय कृषि अनुसंधान संस्थान, क्षेत्रीय केन्द्र, मिनिकॉय, लक्षद्वीप में उर्वरकों और जैविक खादों के संतुलित उपयोग पर एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों के बीच मृदा स्वास्थ्य, फसल उत्पादकता और पर्यावरणीय स्थिरता में सुधार के लिए सतत पोषक तत्व प्रबंधन पद्धतियों के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना था।

सतत फसल उत्पादन के लिए संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन के महत्व पर एक जागरूकता व्याख्यान दिया गया, जिसमें मृदा उर्वरता में सुधार, मृदा में जैविक पदार्थ की मात्रा बढ़ाने तथा दीर्घकालिक कृषि उत्पादकता बनाए रखने में जैविक खादों की भूमिका पर प्रकाश डाला गया। विभिन्न जैविक पोषक स्रोतों, जिनमें फार्म यार्ड मैन्योर (एफवाईएम), कम्पोस्ट, तिलहन खली, जैव उर्वरक तथा हरी खाद शामिल हैं, पर विस्तार से चर्चा की गई।

ICAR-CIARI, Sri Vijaya Puram Organises Awareness Programme on Balanced Use of Fertilizers and Organic Manures

सत्र में स्वस्थ मृदा बनाए रखने और सतत कृषि विकास को बढ़ावा देने के लिए जैविक खादों के उपयोग को प्रमुख रणनीति के रूप में रेखांकित किया गया। कार्यक्रम के दौरान एक संवादात्मक चर्चा भी आयोजित की गई, जिसमें किसानों ने सक्रिय रूप से खेत-स्तरीय समस्याओं को साझा किया, जिनमें मिर्च में फूल झड़ना तथा पत्तागोभी में कीट प्रकोप शामिल थे। इन चुनौतियों के समाधान के लिए व्यावहारिक सुझाव और वैज्ञानिक प्रबंधन पद्धतियां प्रदान की गईं।

नारियल बेसिन में हरी खाद का प्रदर्शन

अभियान गतिविधियों के अंतर्गत मृदा उर्वरता में सुधार के लिए स्थानीय रूप से उपलब्ध जैविक संसाधनों के प्रभावी उपयोग को प्रदर्शित करने हेतु हरी खाद का एक व्यावहारिक प्रदर्शन आयोजित किया गया। नारियल के बेसिन को खोलने के बाद उसमें ताजी ग्लिरिसिडिया पत्तियों को मिलाया गया और तत्पश्चात उसे मिट्टी से ढक दिया गया।

एक प्रदर्शन के माध्यम से मृदा में जैविक पदार्थ की मात्रा बढ़ाने, पोषक तत्वों की उपलब्धता, नमी संरक्षण तथा समग्र फसल स्वास्थ्य में सुधार हेतु हरी खाद के उपयोग की प्रक्रिया और उसके लाभों की जानकारी दी गई। किसानों ने प्रदर्शन में सक्रिय रूप से भाग लिया और अपने खेतों में हरी खाद पद्धतियों को अपनाने के संबंध में तकनीकी कर्मचारियों के साथ संवाद किया।

ICAR-CIARI, Sri Vijaya Puram Organises Awareness Programme on Balanced Use of Fertilizers and Organic Manures

कार्यक्रम का समापन कृषक समुदाय की सक्रिय भागीदारी और सतत पोषक तत्व प्रबंधन पद्धतियों के प्रति बढ़ी हुई जागरूकता के साथ हुआ, जिससे खेत बचाओ अभियान और मेरा गांव मेरा गौरव (एमजीएमजी) कार्यक्रम के उद्देश्यों की पूर्ति में योगदान मिला।

कार्यक्रम में कुल 30 किसानों और गांव के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

(स्रोत: भाकृअनुप-केन्द्रीय द्वीप कृषि अनुसंधान संस्थान, श्री विजय पुरम, अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह)

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