24 मार्च 2026, नई दिल्ली
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (भाकृअनुप) तथा लद्दाख विश्वविद्यालय के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया गया, जिसके तहत लद्दाख विश्वविद्यालय को चार कृषि विज्ञान केन्द्रों (केवीके)—लेह-I, लेह-II (न्योमा), कारगिल-I और कारगिल-II (जांस्कर) का मेजबान संस्थान नामित किया गया। यह पहल लद्दाख केन्द्र शासित प्रदेश में कृषि नवाचार एवं विस्तार प्रणाली को सुदृढ़ करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।

यह समझौता भाकृअनुप की ओर से डॉ. राजबीर सिंह, उप-महानिदेशक (कृषि प्रसार) तथा लद्दाख विश्वविद्यालय की ओर से डॉ. साकेत खुशवाहा, कुलपति, द्वारा हस्ताक्षरित किया गया।
इससे पहले ये केवीके, शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, श्रीनगर के प्रशासनिक नियंत्रण में थे। पूर्व राज्य के जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख केन्द्र शासित प्रदेशों में विभाजन के बाद, यह समझौता क्षेत्र की प्रशासनिक और विकासात्मक प्राथमिकताओं के अनुरूप एक नए संस्थागत ढांचे की स्थापना करता है।

यह सहयोग प्रौद्योगिकी के प्रसार और अपनाने को मजबूत करने, उद्यमिता विकास को बढ़ावा देने तथा किसानों तथा अन्य हितधारकों के बीच क्षमता निर्माण को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से किया गया है। इससे क्षेत्र-विशिष्ट, सतत कृषि विकास को गति मिलने और लद्दाख में ज्ञान-आधारित विकास को प्रोत्साहन मिलने की अपेक्षा है।
(स्रोत: कृषि प्रसार प्रभाग, भाकृअनुप)







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