30 अप्रैल, 2026, जयपुर
विश्व बौद्धिक संपदा दिवस आज भाकृअनुप-खरपतवार अनुसंधान निदेशालय, जबलपुर, में मनाया गया। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. योगिता घरडे ने “आईपी और खेल: रेडी, सेट, इनोवेट” विषय पर व्याख्यान दिया, जिसमें कृषि अनुसंधान में बौद्धिक संपदा (आईपी) प्रबंधन के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम में व्याख्यान, पैनल चर्चा और प्रस्तुतियाँ शामिल थीं।

कार्यक्रम के दौरान अनुसंधान को आगे बढ़ाने, नवाचार को प्रोत्साहित करने तथा आविष्कारकों के अधिकारों की सुरक्षा में विश्व बौद्धिक संपदा दिवस के महत्व को रेखांकित किया गया।
डॉ. जे.एस. मिश्रा, निदेशक, भाकृअनुप-खरपतवार अनुसंधान निदेशालय, ने संस्थान द्वारा बौद्धिक संपदा प्रबंधन के क्षेत्र में की गई पहलों पर प्रकाश डाला तथा कृषि एवं कृषि व्यवसाय में बौद्धिक संपदा की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया।
कार्यक्रम के अंतर्गत बौद्धिक संपदा के विभिन्न पहलुओं पर एक पैनल चर्चा भी आयोजित की गई। इस आयोजन में वैज्ञानिकों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों सहित 52 से अधिक प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया तथा अपने अनुभव साझा किए। आउटरीच गतिविधियों के अंतर्गत जबलपुर जिले के जुजहारी एवं भरतारी गाँवों के किसानों को भी बौद्धिक संपदा अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया।

विशेषज्ञों ने किसानों के साथ संवाद करते हुए कृषि में बौद्धिक संपदा के महत्व, नवाचारों के संरक्षण तथा पारंपरिक ज्ञान की भूमिका पर प्रकाश डाला। इस पहल का उद्देश्य किसानों को उनके नवाचारों की सुरक्षा के प्रति जागरूक करना तथा नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र में उनकी भागीदारी को बढ़ावा देना था।
(स्रोत: भाकृअनुप-खरपतवार अनुसंधान निदेशालय, जबलपुर)







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