29 जून, 2025, कोलकाता
भाकृअनुप-केन्द्रीय जूट एवं संबद्ध रेशा अनुसंधान संस्थान (भाकृअनुप-क्रिजाफ), बैरकपुर, द्वारा आज पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के धुबुलिया स्थित कामारहाटी गांव में अनुसूचित जाति उप-योजना (एससीएसपी) के अंतर्गत खेत बचाओ अभियान-सह-कृषक मेला एवं कृषि आदान वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। खेत बचाओ अभियान का मुख्य उद्देश्य किसानों के बीच जैव उर्वरकों को एकीकृत करते हुए उर्वरकों के संतुलित उपयोग के प्रति जागरूकता पैदा करना था, ताकि मृदा स्वास्थ्य को बनाए रखा जा सके तथा फसल उत्पादकता को टिकाऊ बनाया जा सके। यह अभियान एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन (आईएनएम) तथा सतत मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन पर केंद्रित है। कार्यक्रम के दौरान किसानों को उर्वरकों के उपयोग में दक्षता बढ़ाने तथा कृषि लागत कम करने के लिए उर्वरक प्रयोग के चार प्रमुख सिद्धांतों—सही स्रोत, सही मात्रा, सही समय और सही स्थान—के बारे में जागरूक किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. गौरांग कर, निदेशक, भाकृअनुप-क्रिजाफ, ने नियमित मृदा परीक्षण, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, हरित खाद तथा वर्मी कम्पोस्टिंग को अपनाने की वकालत की। उन्होंने कहा कि इन उपायों से रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम की जा सकती है तथा भूजल के विवेकपूर्ण उपयोग के माध्यम से आर्सेनिक प्रदूषण को रोका जा सकता है। उन्होंने खेत बचाओ अभियान को मृदा स्वास्थ्य की रक्षा तथा सतत कृषि सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने दीर्घकालिक मृदा उर्वरता एवं फसल उत्पादकता बनाए रखने तथा पर्यावरण प्रदूषण को कम करने के लिए मृदा स्वास्थ्य कार्ड, स्थल-विशिष्ट पोषक तत्व प्रबंधन, सूक्ष्म पोषक तत्वों का उपयोग, अनुकूलित उर्वरक प्रयोग, नीम-लेपित यूरिया तथा जैव उर्वरकों के उपयोग पर भी जोर दिया।
किसानों को रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से मृदा स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के बारे में भी जागरूक किया गया। साथ ही उन्हें देशभर में मृदा के संतुलित उर्वरीकरण तथा सतत कृषि को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार द्वारा संचालित विभिन्न पहलों की जानकारी दी गई। उन्होंने कृषि समुदाय के बीच पर्यावरण-अनुकूल, आर्थिक रूप से व्यवहार्य एवं जलवायु-अनुकूल कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने तथा कृषि महिलाओं के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण के लिए जूट आधारित विविध उत्पादों के निर्माण में कौशल विकास को प्रोत्साहित करने संबंधी आईसीएआर-क्रिजाफ के प्रयासों पर भी प्रकाश डाला।

आरएसी सदस्य एवं किसान प्रतिनिधि तथा कार्यक्रम के स्थानीय आयोजक श्री महादेव सरकार ने कृषक समुदाय के हित में भाकृअनुप-क्रिजाफ, बैरकपुर द्वारा की गई पहलों की सराहना की।
किसानों को उन्नत धान उत्पादन प्रौद्योगिकियों के बारे में भी जागरूक किया गया तथा अनुसूचित जाति उप-योजना (एससीएसपी) के अंतर्गत उन्हें एमटीयू 7029 किस्म के प्रमाणित गुणवत्तायुक्त धान बीज तथा बैटरी चालित पावर स्प्रेयर वितरित किए गए। इस कार्यक्रम में लगभग 200 किसान एवं कृषि महिलाएं शामिल हुईं।
(स्रोत: भाकृअनुप-केन्द्रीय जूट एवं संबद्ध रेशा अनुसंधान संस्थान, बैरकपुर, कोलकाता)







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