25 जुलाई, 2026, हैदराबाद
भाकृअनुप-केन्द्रीय शुष्कभूमि कृषि अनुसंधान संस्थान (भाकृअनुप-क्रिडा), हैदराबाद, ने आज जनजातीय उप-योजना (टीएसपी) के अंतर्गत “किसान मेला एवं वैज्ञानिक-विस्तार-किसान संवाद कार्यक्रम” आयोजित किया। यह कार्यक्रम तेलंगाना के आदिलाबाद जिले के आदिलाबाद (ग्रामीण) मंडल स्थित मालेबोरगांव गांव में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं डॉ. वी.के. सिंह, निदेशक, भाकृअनुप-क्रिडा, ने एल-नीनो (El Nino) के प्रभाव तथा उससे निपटने की तैयारियों पर बल दिया और प्रदर्शनी स्टॉलों का उद्घाटन किया।
सत्रों में शुष्कभूमि कृषि से संबंधित विभिन्न विषयों को शामिल किया गया, जिनमें उत्पादकता बढ़ाने हेतु पशुधन हस्तक्षेप, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन तथा जलवायु-लचीली प्रौद्योगिकियां प्रमुख थीं। प्रस्तुतियों में कृषि यंत्रीकरण, विभिन्न कृषि योजनाएं, फसल प्रणाली हस्तक्षेप, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, एल-नीनो के प्रभाव एवं उससे निपटने की रणनीतियां, फसल विविधीकरण, एकीकृत कृषि प्रणालियां तथा आदिलाबाद जिले के लिए आकस्मिक उपायों पर भी विशेष ध्यान दिया गया।

कार्यक्रम के अंतर्गत वैज्ञानिक-विस्तार-किसान संवाद बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें किसानों ने जल प्रबंधन, कृषि संबंधी पद्धतियों आदि विभिन्न विषयों पर वैज्ञानिकों के साथ संवाद किया।
मेले के दौरान किसानों को मैनुअल वीडर, जिंक सल्फेट, वर्मीबेड यूनिट तथा जैव उर्वरकों जैसे कृषि आदानों का वितरण किया गया। किसान मेले के अंतर्गत एक प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया, जिसमें सीआरआईडीए की प्रौद्योगिकियों जैसे बीबीएफ प्लांटर, वीडर, जैव उर्वरक आदि का प्रदर्शन किया गया।
प्रदर्शनी के एक भाग के रूप में आदिलाबाद की एक महिला उद्यमी ने विभिन्न कृषि उत्पादों से तैयार मूल्य संवर्धित उत्पादों का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम में चार मंडलों का प्रतिनिधित्व करने वाले टीएसपी अपनाए गए गांवों के लगभग 46 महिला किसान एवं 234 पुरुष किसानों ने भाग लिया।
(स्रोत: भाकृअनुप-केन्द्रीय शुष्कभूमि कृषि अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद)







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