28 जनवरी, 2026, हैदराबाद
आज भाकृअनुप–केन्द्रीय बारानी कृषि अनुसंधान, हैदराबाद, में “वर्षा आधारित ऑर्गेनिक खेती प्रणालियों में हाल के विकास” पर 21-दिवसीय भाकृअनुप-प्रायोजित विंटर स्कूल का उद्घाटन किया गया। यह कार्यक्रम 28 जनवरी से 17 फरवरी, 2026 तक चलेगा।

मुख्य अतिथि, डॉ. एस. राजेंद्र प्रसाद, पूर्व कुलपति, कृषि विज्ञान विश्वविद्यालय (यूएएस), बेंगलुरु, ने मिट्टी के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने, जलवायु परिवर्तन के प्रति लचीलापन एवं वर्षा आधारित उत्पादन प्रणालियों की स्थिरता में वर्षा आधारित ऑर्गेनिक खेती के बढ़ते महत्व पर ज़ोर दिया। उन्होंने वर्षा आधारित क्षेत्रों में किसानों की आजीविका को बेहतर बनाने के लिए पारंपरिक ज्ञान को हाल की वैज्ञानिक प्रगति के साथ एकीकृत करने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला।
डॉ. वी.के. सिंह, निदेशक, भाकृअनुप-क्रिडा, ने अपने संबोधन में जलवायु-अनुकूल कृषि के लिए ऑर्गेनिक और प्राकृतिक संसाधन-आधारित दृष्टिकोणों के महत्व पर ज़ोर दिया, खासकर वर्षा आधारित पारिस्थितिकी प्रणालियों में जो जलवायु चरम सीमाओं के प्रति अत्यधिक संवेदनशील हैं।
कोर्स निदेशक ने विंटर स्कूल का अवलोकन प्रस्तुत किया और इसके उद्देश्यों, संरचना और अपेक्षित परिणामों की रूपरेखा बताई।

7 राज्यों (तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक, असम, महाराष्ट्र और पंजाब) के पच्चीस सहायक/एसोसिएट प्रोफेसर/वैज्ञानिक इस प्रशिक्षण में भाग ले रहे हैं, जिसका उद्देश्य क्षमता निर्माण को मजबूत करना तथा वर्षा आधारित एवं शुष्क भूमि कृषि हेतु स्थायी ऑर्गेनिक खेती पद्धतियों को बढ़ावा देना है।
(स्रोत: भाकृअनुप–केन्द्रीय बारानी कृषि अनुसंधान, हैदराबाद)







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