भाकृअनुप-क्रीडा, हैदराबाद में कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम (पीओएसएच) पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

भाकृअनुप-क्रीडा, हैदराबाद में कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम (पीओएसएच) पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

3 मार्च, 2026, हैदराबाद

भाकृअनुप–केन्द्रीय शुष्कभूमि कृषि अनुसंधान संस्थान (भाकृअनुप-क्रीडा), हैदराबाद, में आज कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम (पीओएसएच) विषय पर एक जागरूकता कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य कार्यस्थल की सुरक्षा, लैंगिक संवेदनशीलता तथा महिलाओं के अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।

डॉ. पी. लावण्या नाइक जादव, उप पुलिस आयुक्त, महिला सुरक्षा प्रकोष्ठ, हैदराबाद ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई और उपस्थित जनसमूह को एक प्रभावशाली एवं ज्ञानवर्धक संबोधन दिया। अपने मुख्य भाषण में उन्होंने सुरक्षित, सम्मानजनक और समावेशी कार्यस्थल बनाने के लिए सतत जागरूकता, निवारक उपायों तथा कर्मचारियों के लिए सशक्त समर्थन तंत्र के महत्व पर बल दिया। अपने व्यापक अनुभव के आधार पर उन्होंने व्यावहारिक उदाहरणों एवं वास्तविक मामलों के माध्यम से प्रतिभागियों को कार्यस्थल पर उत्पीड़न के विभिन्न रूपों, पीड़ितों पर इसके मनोवैज्ञानिक प्रभाव तथा उपलब्ध कानूनी प्रावधानों की बेहतर समझ प्रदान की। उन्होंने कर्मचारियों को घटनाओं की रिपोर्टिंग करते समय हिचकिचाहट या भय से ऊपर उठने के लिए प्रेरित किया और कहा कि अधिकारों तथा संस्थागत प्रक्रियाओं की जानकारी रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

Awareness programme on Prevention of Sexual Harassment (POSH) at Workplace Organised at ICAR-CRIDA, Hyderabad

उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि पारस्परिक सम्मान, लैंगिक संवेदनशीलता और उत्पीड़न के प्रति शून्य सहिष्णुता की संस्कृति विकसित करने में व्यक्तियों और संस्थानों दोनों की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस अवसर पर डॉ. लावण्या ने संस्थान द्वारा विकसित पीओएसएच जागरूकता पोस्टरों का औपचारिक विमोचन भी किया, जिसका उद्देश्य कर्मचारियों के बीच पीओएसएच दिशानिर्देशों की व्यापक समझ को बढ़ावा देना है।

सुश्री सुप्रिया काकरला, लीड कंसल्टेंट, हैदराबाद सिटी सिक्योरिटी काउंसिल (एसएससी) ने एक ज्ञानवर्धक व्याख्यान दिया, जिसमें उन्होंने पीओएसएच अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों की व्याख्या की और सुरक्षित, सम्मानजनक एवं समावेशी कार्य वातावरण के निर्माण के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कार्यस्थल पर उत्पीड़न की रोकथाम में कर्मचारियों और संस्थानों की भूमिकाओं एवं जिम्मेदारियों को भी स्पष्ट किया।

डॉ. वी.के. सिंह, निदेशक, भाकृअनुप-क्रीडा ने संस्थान की ओर से सभी कर्मचारियों के लिए सुरक्षित एवं समावेशी कार्यस्थल बनाए रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने कर्मचारियों को POSH अधिनियम के नियमों की जानकारी रखने और बेहतर एवं प्रभावी कार्य वातावरण बनाने का सुझाव दिया।

Awareness programme on Prevention of Sexual Harassment (POSH) at Workplace Organised at ICAR-CRIDA, Hyderabad

कार्यक्रम में कर्मचारियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली और इसका समापन एक इंटरैक्टिव सत्र के साथ हुआ, जिसमें पीओएसएच से संबंधित प्रश्नों पर खुली चर्चा और शंकाओं का समाधान किया गया।

(स्रोत: भाकृअनुप–केन्द्रीय शुष्क भूमि कृषि अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद)

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