28 अप्रैल, 2026, अंडमान
भाकृअनुप–कृषि विज्ञान केन्द्र (केवीके), नॉर्थ एंड मिडिल अंडमान द्वारा गोविंदपुर गांव में सतत फसल उत्पादन के लिए संतुलित उर्वरक उपयोग पर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को उर्वरकों के विवेकपूर्ण एवं आवश्यकता-आधारित उपयोग के बारे में जागरूक करना था, जिसमें मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, समेकित पोषक तत्व प्रबंधन तथा दीर्घकालीन उत्पादकता एवं पर्यावरणीय स्थिरता के लिए जैविक आदानों के उपयोग पर विशेष ध्यान दिया गया।
मृदा उर्वरता बनाए रखने तथा फसल उत्पादकता बढ़ाने के लिए संतुलित उर्वरीकरण एवं वैज्ञानिक पोषक तत्व प्रबंधन के महत्व पर जोर दिया गया।

सतत कृषि एवं स्वस्थ पर्यावरण को बढ़ावा देने के लिए पर्यावरण-अनुकूल पद्धतियों तथा घरेलू स्तर पर जागरूकता की भूमिका को भी रेखांकित किया गया। किसानों को पर्यावरण प्रदूषण कम करने तथा मृदा स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग को कम करने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में स्थानीय किसानों की सक्रिय भागीदारी रही। यह कार्यक्रम डॉ. जय सुंदर, कार्यवाहक निदेशक, भाकृअनुप-केन्द्रीय द्वीपीय कृषि अनुसंधान संस्थान, श्री विजयपुरम, के समग्र मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।
इस कार्यक्रम में लगभग 15 किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और सतत कृषि पद्धतियों को अपने खेतों में प्रभावी ढंग से लागू करने हेतु उपयोगी जानकारी प्राप्त की।
(स्रोत: भाकृअनुप-केन्द्रीय द्वीपीय कृषि अनुसंधान संस्थान, श्री विजयपुरम)







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