भाकृअनुप–केवीके निम्बूदेरा ने ‘खेत बचाओ अभियान 2026’ के अंतर्गत रांगत ब्लॉक में सतत कृषि पद्धतियों पर जागरूकता कार्यक्रम का किया आयोजन

भाकृअनुप–केवीके निम्बूदेरा ने ‘खेत बचाओ अभियान 2026’ के अंतर्गत रांगत ब्लॉक में सतत कृषि पद्धतियों पर जागरूकता कार्यक्रम का किया आयोजन

19 जून, 2026, अंडमान द्वीप

भाकृअनुप–कृषि विज्ञान केन्द्र, निम्बूदेरा ने यूटीएटीएमए तथा कृषि विभाग, अंडमान एवं निकोबार प्रशासन के सहयोग से 17–19 जून 2026 के दौरान उत्तर एवं मध्य अंडमान के रांगत ब्लॉक के पेरनासाला, जनकपुर और सीतापुर गांवों में ‘खेत बचाओ अभियान 2026’ के अंतर्गत सतत कृषि पद्धतियों पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों के बीच सतत कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूकता बढ़ाना था, जिससे फसल उत्पादकता में वृद्धि, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण तथा कृषि आय में सुधार किया जा सके।

कार्यक्रम के दौरान किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग, मृदा स्वास्थ्य कार्ड के महत्व, वर्मी कम्पोस्ट एवं कम्पोस्टिंग के माध्यम से एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन, जैव उर्वरकों से बीज उपचार, वैज्ञानिक धान खेती पद्धतियाँ, एकीकृत कीट प्रबंधन तथा जैविक एवं प्राकृतिक खेती तकनीकों के बारे में जागरूक किया गया।

किसान–विशेषज्ञ संवाद सत्रों के दौरान किसानों ने फसल उत्पादन से जुड़ी अपनी क्षेत्रीय समस्याएँ और अनुभव साझा किए। विशेषज्ञों ने कुशल आदान प्रबंधन, एकीकृत कीट प्रबंधन, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, जलवायु-सहिष्णु कृषि पद्धतियों तथा आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने पर तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया।

यह कार्यक्रम भाकृअनुप–सीआईएआरआई के कार्यवाहक निदेशक डॉ. जय सुंदर के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।

इस कार्यक्रम में कुल 57 किसानों और कृषक महिलाओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया।

(स्रोत: भाकृअनुप–केन्द्रीय द्वीप कृषि अनुसंधान संस्थान, श्री विजय पुरम, अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह

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