29 अप्रैल, 2026, हैदराबाद
भाकृअनुप-केन्द्रीय शुष्क भूमि कृषि अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद, ने आज संगारेड्डी जिले में प्रोफेसर जयशंकर तेलंगाना कृषि विश्वविद्यालय के सहयोग से “मेरा गाँव मेरा गौरव” कार्यक्रम के अंतर्गत “उर्वरकों का संतुलित उपयोग” विषय पर किसान गोष्ठी आयोजित की।
यह कार्यक्रम कोंडापुर मंडल के हरिदासपुर गाँव में आयोजित किया गया, जहाँ वैज्ञानिकों की एक टीम ने किसानों को वैज्ञानिक पोषक तत्व प्रबंधन तथा सतत कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम में सर्वोत्तम प्रबंधन पद्धतियाँ, फसल विविधीकरण एवं फसल चक्र, हरी खाद, जल संचयन तथा उर्वरकों के संतुलित उपयोग जैसे प्रमुख विषयों पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम में मृदा परीक्षण, मृदा स्वास्थ्य कार्ड के उपयोग, रासायनिक उर्वरकों के विकल्पों को अपनाने, फसल अवशेषों के पुनर्चक्रण तथा जैविक आदानों के समेकन के महत्व पर विशेष जोर दिया गया। किसानों को समेकित पोषक तत्व प्रबंधन के उपायों के बारे में भी जानकारी दी गई, जिसका उद्देश्य उर्वरकों के उपयोग को अनुकूलित करना, फसल उत्पादन को बनाए रखना तथा मृदा स्वास्थ्य एवं गुणवत्ता में सुधार करना है।

कार्यक्रम में स्थानीय कृषि अधिकारियों एवं अन्य हितधारकों ने सक्रिय भागीदारी की। कुल 42 किसानों ने कार्यक्रम में भाग लेकर तकनीकी मार्गदर्शन का लाभ प्राप्त किया।
कार्यक्रम के उपरांत भाकृअनुप-केन्द्रीय शुष्क भूमि कृषि अनुसंधान संस्थान की टीम ने संगारेड्डी के जिला कलेक्टर से भेंट कर इस पहल एवं इसके उद्देश्यों की जानकारी दी। टीम ने जिले के विभिन्न गाँवों में इसी प्रकार के कार्यक्रमों का विस्तार करने की योजना पर प्रकाश डाला, जिनमें अत्यधिक उर्वरक उपयोग की समस्या के समाधान हेतु विभिन्न विषयों पर ध्यान केन्द्रित किया जाएगा। जिला कलेक्टर ने इस पहल की सराहना की तथा ऐसे कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला प्रशासन की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
यह पहल ग्रामीण समुदायों के बीच सतत एवं संसाधन-कुशल कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए भाकृअनुप-केन्द्रीय शुष्क भूमि कृषि अनुसंधान संस्थान तथा उसके सहयोगी संस्थानों के निरंतर प्रयासों को दर्शाती है।
(स्रोत: भाकृअनुप-केन्द्रीय शुष्क भूमि कृषि अनुसंधान संस्थान)







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