13 मई, 2026, हैदराबाद
भाकृअनुप-केन्द्रीय शुष्क भूमि कृषि अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद, ने एमजीएमजी पहल के अंतर्गत तेलंगाना के महबूबनगर जिले के बालानगर मंडल स्थित मोतीगनापुर गाँव में उर्वरकों के संतुलित उपयोग पर एक जागरूकता अभियान आयोजित किया।
कार्यक्रम के दौरान वैज्ञानिकों ने किसानों के साथ संवाद कर समेकित पोषक तत्व प्रबंधन (आईएनएम), प्राकृतिक खेती पद्धतियों, कम्पोस्टिंग, वर्मी-कम्पोस्टिंग तथा हरी खाद तकनीकों के बारे में जागरूकता उत्पन्न की। इन उपायों का उद्देश्य सतत मृदा स्वास्थ्य को बढ़ावा देना तथा फसल उत्पादकता में सुधार करना है।

अभियान के अंतर्गत समेकित पोषक तत्व प्रबंधन और फॉस्फेट घुलनशील जीवाणु (पीएसबी) उपचार से संबंधित शैक्षणिक दीवार पोस्टर किसानों की जानकारी हेतु ग्राम पंचायत कार्यालय में प्रदर्शित किए गए। साथ ही वैज्ञानिक पोषक तत्व प्रबंधन पद्धतियों को प्रोत्साहित करने के लिए किसानों के बीच मृदा परीक्षण संबंधी पुस्तिकाएँ भी वितरित की गईं।
किसानों को प्रभावी एवं पर्यावरण-अनुकूल पोषक तत्व प्रबंधन उपायों से परिचित कराने के लिए पीएसबी के साथ फार्म यार्ड मैन्योर (एफवाईएम) उपचार का प्रत्यक्ष प्रदर्शन भी आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में गाँव के किसानों और महिला कृषकों ने सक्रिय भागीदारी की, जो सतत कृषि पद्धतियों और उर्वरकों के संतुलित उपयोग के प्रति बढ़ती रुचि को दर्शाता है।
(स्रोत: भाकृअनुप-केन्द्रीय शुष्क भूमि कृषि अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद)







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