भाकृअनुप-केन्द्रीय द्वीपीय कृषि अनुसंधान संस्थान द्वारा विश्व बौद्धिक संपदा दिवस 2026 पर बौद्धिक संपदा प्रबंधन एवं व्यावसायीकरण पर कार्यशाला का आयोजन

भाकृअनुप-केन्द्रीय द्वीपीय कृषि अनुसंधान संस्थान द्वारा विश्व बौद्धिक संपदा दिवस 2026 पर बौद्धिक संपदा प्रबंधन एवं व्यावसायीकरण पर कार्यशाला का आयोजन

29 अप्रैल, 2026, श्री विजय पुरम

भाकृअनुप-केन्द्रीय द्वीप कृषि अनुसंधान संस्थान ने आज विश्व बौद्धिक संपदा दिवस 2026 की पूर्व संध्या पर “आईपी और खेल: रेडी, सेट, इनोवेट!” विषय के अंतर्गत संस्थान में एक कार्यशाला का आयोजन किया।

डॉ प्रवीण मलिक, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, एग्रीनोवेट इंडिया लिमिटेड, नई दिल्ली, ने तकनीकों के लाइसेंसिंग एवं व्यावसायीकरण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रयोगशालाओं में विकसित नवाचारों को प्रभावी रूप से किसानों तक पहुँचाना आवश्यक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वैज्ञानिक प्रगति को उद्योगों के साथ मजबूत साझेदारी के माध्यम से कृषक समुदाय तक पहुँचाया जाना चाहिए। डॉ. मलिक ने वैज्ञानिकों को अपने विषय के साथ-साथ अन्य संस्थानों के वैज्ञानिकों के साथ भी सहयोगात्मक रूप से कार्य करने की सलाह दी। उन्होंने आश्वासन दिया कि एग्रीनोवेट इंडिया लिमिटेड सफल तकनीकी व्यावसायीकरण के लिए औद्योगिक सहयोग विकसित करने में सहायता प्रदान करेगा।

ICAR-CIARI, Sri Vijaya Puram Organizes Workshop on Intellectual Property Management and Commercialization on World Intellectual Property Day 2026

श्री कृष्ण जी ठाकुर, बिजनेस मैनेजर, एग्रीनोवेट इंडिया लिमिटेड, नई दिल्ली, ने “बौद्धिक संपदा प्रबंधन एवं व्यावसायीकरण के मूल तत्व” विषय पर प्रस्तुति दी। उन्होंने बौद्धिक संपदा अधिकारों (आईपीआर) की अवधारणा और महत्व को विस्तार से समझाया। उन्होंने आईपीआर से संबंधित विभिन्न पहलुओं, प्रमुख अभिसमयों, संधियों तथा बौद्धिक संपदा संरक्षण से जुड़े समझौतों की जानकारी दी। साथ ही, उन्होंने प्रयोगशाला अनुसंधान से बाजार-उन्मुख तकनीकों तक नवाचारों को पहुँचाने की दिशा में सफल व्यावसायीकरण के उपायों पर भी प्रकाश डाला।

ICAR-CIARI, Sri Vijaya Puram Organizes Workshop on Intellectual Property Management and Commercialization on World Intellectual Property Day 2026

इससे पूर्व, डॉ जय सुंदर, निदेशक (कार्यवाहक), भाकृअनुप-केन्द्रीय द्वीपीय कृषि अनुसंधान संस्थान ने द्वीपीय कृषि की स्थिति का व्यापक विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने द्वीपीय पारिस्थितिकी तंत्र में कृषि की विशिष्ट चुनौतियों और संभावनाओं को रेखांकित किया। उन्होंने द्वीपीय किसानों के हित में संस्थान द्वारा विकसित विभिन्न फसल किस्मों एवं नवीन तकनीकों को प्रदर्शित किया। उन्होंने संस्थान द्वारा वर्षों में प्राप्त पेटेंट, डिज़ाइन पंजीकरण, नस्ल पंजीकरण, कॉपीराइट एवं ट्रेडमार्क की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ये उपलब्धियाँ संस्थान की नवाचार एवं वैज्ञानिक उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। उन्होंने संस्थान द्वारा सफलतापूर्वक व्यावसायीकृत विभिन्न तकनीकों की भी जानकारी दी तथा व्यापक प्रसार एवं किसानों के लाभ के लिए तकनीकी हस्तांतरण के महत्व पर बल दिया। उनकी प्रस्तुति ने द्वीपीय क्षेत्रों में कृषि विकास एवं नवाचार के क्षेत्र में भाकृअनुपॉ-सीआईएआरआई के महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित किया।

इस कार्यशाला में संस्थान के विभिन्न प्रभागों से लगभग 30 वैज्ञानिकों ने भाग लिया।

(स्रोत: भाकृअनुप-केन्द्रीय द्वीप कृषि अनुसंधान संस्थान)

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