5 जून, 2026, नई दिल्ली
विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर आज भाकृअनुप-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (भाकृअनुप-आईएआरआई), नई दिल्ली में तीन प्रमुख सुविधाओं का उद्घाटन डॉ. एम.एल. जाट, सचिव, डेयर एवं महानिदेशक, भाकृअनुप द्वारा किया गया। नव उद्घाटित सुविधाओं में कृषि प्रसार प्रभाग में नेक्स्ट जेनरेशन एग्रीकल्चरल एक्सटेंशन लर्निंग सेंटर (एनएईएल केन्द्र), खाद्य विज्ञान एवं फसलोपरांत प्रौद्योगिकी प्रभाग में प्रोसेसिंग प्रयोगशाला तथा पर्यावरण विज्ञान प्रभाग में क्लाइमेट रेजिलिएंट ग्रीन एग्रीकल्चर (सीएआरआईजीएआर) लैब शामिल हैं।

सभा को संबोधित करते हुए डॉ. जाट ने कृषि में प्रौद्योगिकी-आधारित समाधानों के महत्व पर बल दिया और विकसित भारत @ 2047 के विजन को साकार करने में डिजिटल शिक्षण मंचों, उन्नत प्रसंस्करण प्रौद्योगिकियों और जलवायु-अनुकूल नवाचारों की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने संबंधित प्रभागों के उन प्रयासों की सराहना की, जिनके माध्यम से अत्याधुनिक सुविधाओं का विकास किया गया है, जो कृषि शिक्षा, क्षमता निर्माण, उद्यमिता और सतत कृषि विकास को सुदृढ़ बनाएंगी।
उद्घाटन कार्यक्रम में डॉ. डी.के. यादव, उप-महानिदेशक (फसल विज्ञान), भाकृअनुप; डॉ. चेरुकमल्ली श्रीनिवास राव, निदेशक, भाकृअनुप-आईएआरआई; आईएआरआई के वरिष्ठ गणमान्य व्यक्ति, वैज्ञानिक, विद्यार्थी, उद्योग साझेदार तथा अन्य विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।

भाकृअनुप शिक्षा प्रभाग द्वारा वित्तपोषित एक परियोजना के अंतर्गत स्थापित एनएईएल सेंटर, कृषि शिक्षा और प्रसार में डिजिटल परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम का प्रतिनिधित्व करता है। इस परियोजना के अंतर्गत 25 द्विभाषी ई-लर्निंग मॉड्यूल और 9 इमर्सिव वर्चुअल रियलिटी (वीआर) मॉड्यूल विकसित किए गए हैं, जिनमें कृषि प्रसार, जलवायु-स्मार्ट कृषि, एकीकृत कीट प्रबंधन, फसलोपरांत प्रबंधन, संचार कौशल, डेटा विश्लेषण, उद्यमिता तथा अनुभवात्मक शिक्षण जैसे विषय शामिल हैं। इन संसाधनों को किसानों, विद्यार्थियों, प्रसार कार्मिकों और कृषि शिक्षकों को संवादात्मक एवं इमर्सिव शिक्षण अनुभव प्रदान करने के लिए तैयार किया गया है। इस अवसर पर भाकृअनुप-आईएआरआई कैंपस वॉकथ्रू (360-डिग्री वर्चुअल टूर) का भी शुभारंभ किया गया, जिसमें संस्थान के अनुसंधान अवसंरचना, शैक्षणिक सुविधाओं और तकनीकी उपलब्धियों को एक इमर्सिव वर्चुअल मंच के माध्यम से प्रदर्शित किया गया।
आईसीआईसीआई फाउंडेशन से 1.13 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता से स्थापित प्रोसेसिंग प्रयोगशाला को प्रशिक्षण, प्रदर्शन और उत्पाद विकास के लिए आधुनिक खाद्य प्रसंस्करण प्रौद्योगिकियों से सुसज्जित किया गया है। यह सुविधा किसानों, ग्रामीण युवाओं और उद्यमियों को खाद्य प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और नवोन्मेषी खाद्य उत्पादों के विकास में व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करेगी। इस प्रयोगशाला से कृषि उद्यमिता को बढ़ावा मिलने, फसलोपरांत हानियों में कमी आने तथा मूल्य संवर्धित कृषि उत्पादों के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने में योगदान मिलने की अपेक्षा है।

क्लाइमेट रेजिलिएंट ग्रीन एग्रीकल्चर (सीएआरआईजीएआर) लैब, आईसीआईसीआई फाउंडेशन फॉर इन्क्लूसिव ग्रोथ द्वारा अपनी कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) पहल के अंतर्गत वित्तपोषित है। इसे जलवायु-अनुकूल और सतत कृषि प्रौद्योगिकियों में अनुसंधान एवं नवाचार को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है। यह प्रयोगशाला जलवायु अनुकूलन रणनीतियों, संसाधन संरक्षण, कार्बन प्रबंधन तथा पर्यावरणीय रूप से सतत कृषि पद्धतियों पर उन्नत अनुसंधान को समर्थन प्रदान करेगी, जिससे लचीली कृषि प्रणालियों और दीर्घकालिक कृषि स्थिरता को बढ़ावा मिलेगा।
इससे पूर्व, विश्व पर्यावरण दिवस 2026 समारोह के अंतर्गत गणमान्य व्यक्तियों ने "एक पेड़ माँ के नाम" विषय के तहत एक विशेष वृक्षारोपण अभियान में भाग लिया और पर्यावरण संरक्षण तथा सतत विकास के प्रति आईसीएआर की प्रतिबद्धता को पुनः दोहराया।

नव उद्घाटित ये तीनों सुविधाएँ राष्ट्रीय उत्कृष्टता केन्द्रों के रूप में कार्य करने की अपेक्षा रखती हैं, जो देशभर के किसानों, विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और प्रसार पेशेवरों के हित में नवाचार, कौशल विकास, जलवायु अनुकूलन क्षमता तथा प्रौद्योगिकी-सक्षम कृषि परिवर्तन को प्रोत्साहित करेंगी।
(स्रोत: भाकृअनुप–भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली)







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