12 फरवरी, 2026, नई दिल्ली
भाकृअनुप-राष्ट्रीय समेकित कीट प्रबंधन अनुसंधान संस्थान ने आज अपने कैंपस में “आसीटी-समर्थित आईपीएम के जरिए किसानों को सशक्त बनाना” थीम पर अपना 38वां स्थापना दिवस और समेकित कीट प्रबंधन (आपीएम) एक्सपो 2026 मनाया। यह मौका समेकित कीट प्रबंधन को आगे बढ़ाने, पर्यावरण हितैषी तथा टिकाऊ पौध संरक्षण तकनीकी को बढ़ावा देने और खेती और किसानों की भलाई में राष्ट्रीय प्राथमिकताओं में योगदान देने के लिए इंस्टीट्यूट के चार दशकों के समर्पित प्रयासों के लिए जाना जाता है।

आईपीएम प्रदर्शनी के साथ स्थापना दिवस कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि, डॉ. संजय कुमार, चेयरमैन, एएसआरबी, डेयर ने डॉ. पीके चक्रवर्ती, पूर्व सदस्य (प्लांट साइंसेज), एएसआरबी तथा पूर्व सहायक महानिदेशक (पौध सुरक्षा एवं जैव सुरक्षा) भाकृअनुप, नई दिल्ली; डॉ. पूनम जसरोटिया, सहायक महानिदेशक (पौध संरक्षण एवं जैव-सुरक्षा), भाकृअनुप, तथा डॉ. रामचरण भट्टाचार्य, निदेशक, भाकृअनुप-राष्ट्रीय पौध जैव प्रौद्योगिकी संस्थान, नई दिल्ली; प्रतिष्ठित कृषि शोधकर्ता और किसानों की गरिमामयी मौजूदगी में किया। आईपीएम एक्सपो में प्रतिष्ठित भाकृअनुप संस्थानों, कृषि विज्ञान केन्द्रों (केवीके) तथा निजी कंपनियों के प्रदर्शनी स्टॉल शामिल थे।
डॉ. रमन थंगावेलु, निदेशक, भाकृअनुप-नार्म, ने अध्यक्षीय संबोधन दिया और संस्थान की अनुसंधान उपलब्धियों, टिकाऊ पौध संरक्षण तकनीकी तथा विकास की गई तकनीकी पर खास बातें बताई। सभी अतिथि ने संस्थान के एक अनुसंधान केन्द्र से एक पूरे अनुसंधान संस्थान बनने की तेजी से ग्रोथ की तारीफ की और इंस्टीट्यूट के सोचे हुए लक्ष्यों को पाने के लिए काम करने वाले स्टाफ़ की तारीफ़ की। इसके अलावा, उन्होंने किसानों को लागत और रासायनिक पदचिन्ह कम करने के लिए जीववैज्ञानिक नियंत्रक एजेंट को अपनाने के बारे में बताया तथा उन्हें संस्थान से सलाह लेने के लिए बढ़ावा दिया। किसानों से कीड़ों और पेस्ट्स की आसान पहचान के लिए संस्थान द्वारा विकास किया गया आईसीटी -बेस्ड मोबाइल एप्लिकेशन इस्तेमाल करने की अपील की गई।
मंडोरा, उत्तर प्रदेश; बसलांबी, गुरुग्राम, हरियाणा; ऊंचा माजरा, हरियाणा; और बाबवाद, उत्तर प्रदेश के प्रगतिशील किसानों को समेकित कीट प्रबंधन तकनकी को बड़े पैमाने पर फैलाने में उनके अहम योगदान के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में आए किसानों को आपीएम इनपुट बांटे गया। संस्थान ने आपीएम तकनीकी को अपनाने में किसानों के समर्पन तथा सेवा के लिए उन्हें सम्मानित किया है। साथ ही, तकनीक, प्रशासनिक तथा एसएसएस श्रृंखला के कुछ सबसे अच्छे कर्मचारियों को उनकी कड़ी मेहनत और संस्थान की सफलता में अहम योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

मुख्य अतिथि ने संस्थान की अनुसंधान उपलब्धियों की तारीफ की और संस्थानिक सफलता को आगे बढ़ाने में असरदार योगदान के महत्व पर ज़ोर दिया। उन्होंने सभी क्षेत्रों में समय प्रबंधन के अहम महत्व पर ज़ोर दिया, तथा विकास तथा उत्कृष्टता को बनाए रखने में इसकी भूमिका पर ज़ोर दिया।
(स्रोत: भाकृअनुप-राष्ट्रीय समेकित कीट प्रबंधन अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली)







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