भाकृअनुप-एनआईबीएसएम, रायपुर में 21-दिवसीय भाकृअनुप शीतकालीन स्कूल का समापन

भाकृअनुप-एनआईबीएसएम, रायपुर में 21-दिवसीय भाकृअनुप शीतकालीन स्कूल का समापन

16 फरवरी, 2026, रायपुर

भाकृअनुप-राष्ट्रीय जैविक तनाव प्रबंधन संस्थान, रायपुर, में आज “राष्ट्रीय महत्व के कीटों एवं पैथोजन को कम करने के लिए उभरते जैव प्रौद्योगिकी और जैव-युक्तिसंगत हस्तक्षेप” पर 21 दिन का भाकृअनुप-प्रायोजित शीतकालीन स्कूल खत्म हुआ। यह प्रोग्राम 27 जनवरी से 16 फरवरी, 2026 तक भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के प्रायोजन से चलाया गया था।

मुख्य अतिथि, डॉ. संजय कुमार, चेयरपर्सन, कृषि वैज्ञानिक चयन मंडल (एएसआरबी), कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (डेयर), के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार, ने मिशन-मोड अनुसंधान प्रबंधन सव्यवस्था की जरूरत पर ज़ोर दिया, और प्रतिक्रियात्मक पौध संरक्षण पद्धतियों से पूर्वानुमान आधारित पौध स्वास्थ्य प्रबंधन की ओर बदलाव की बात कही। उन्होंने आक्रामक प्रजातियां तथा सीमापार जैविक आक्रमण, जो कीट जोखिम प्रबंधन के महत्व को रेखांकित करते हैं जिसे राष्ट्रीय जैव सुरक्षा का एक ज़रूरी हिस्सा बताया।

डॉ. पी.के. राय, निदेशक, भाकृअनुप-एनआईबीएसएम, ने तीव्र रासायनिक पौध संरक्षण से टिकाऊ, जैवीय प्रेरित तरीकों को अपनाने की जरूरत पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे संरचनात्मक क्षमता निर्माण कार्यक्रम भविष्य की रिसर्च प्राथमिकता को आकार देने तथा उभरते जैविक तनाव के खिलाफ तैयारी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं।

डॉ. अनिल दीक्षित, संयुक्त निदेशक एवं पाठ्यक्रम निदेशक, ने विंटर स्कूल की विस्तृत रिपोर्ट पेश की। 21 दिन के इस प्रोग्राम में 70 विशेषज्ञ व्याख्यान, 10 व्यवहारिक प्रशिक्षण सत्र और तीन फील्ड और इंडस्ट्री विज़िट शामिल थे, जिसमें सैद्धांतिक ज्ञान, प्रयोगशाला प्रदर्शन और क्षेत्र आधारित लर्निंग का पूरा मिश्रण मिला। खास विषय क्षेत्र में उच्च स्तरीय जैव तकनीकी साधन, मॉलिक्यूलर निदान, जैव-युक्तिसंगत कीट प्रबंधन रणनीतियाँ तथा एकीकृत पौध स्वास्थ्य प्रबंधन ढांचे शामिल थे।

ट्रेनिंग से पार्टिसिपेंट्स के नॉलेज लेवल में काफी सुधार हुआ, जो 39% से बढ़कर 72% हो गया, और पार्टिसिपेंट्स ने इसे “बहुत अच्छा” और “बहुत बढ़िया” के बीच रेटिंग दी।

इस मौके पर, चीफ गेस्ट ने इंस्टीट्यूट कैंपस में रुद्राक्ष (एलियोकार्पस गैनिट्रस) का पौधा लगाया, जो पर्यावरणीय टिकाऊपन और पारिस्थितिकीय संतुलन के लिए प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

इस प्रोग्राम में 12 राज्यों से प्लांट प्रोटेक्शन और उससे जुड़े साइंस के अलग-अलग फील्ड से आए कुल 25 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। समापन सत्र के दौरान चीफ गेस्ट ने प्रतिभागियों को सर्टिफिकेट बांटे।

इस इवेंट में भाकृअनुप-एनआईबीएसएम के संयुक्त निदेशक,वैज्ञानिक, अनुसंधान कर्मी और स्टाफ शामिल हुए, जिससे भाकृअनुप की देश भर में अहम क्षमता निर्माण पहल सफलतापूर्वक पूरी हुई।

(स्रोत: भाकृअनुप-राष्ट्रीय जैविक तनाव प्रबंधन संस्थान, रायपुर)

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