12 मई, 2026, भुवनेश्वर
भाकृअनुप-भारतीय जल प्रबंधन संस्थान, भुवनेश्वर ने आज अपना 39वां स्थापना दिवस मनाया।
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि प्रो. प्रवत कुमार राउल, कुलपति, ओडिशा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, भुवनेश्वर ने किया। उन्होंने कहा कि देश सहित ओडिशा में भूजल स्तर में गिरावट हम सभी के लिए एक बड़ी चुनौती है।
प्रो. राउल ने यह भी कहा कि उर्वरकों के संतुलित उपयोग का निर्धारण करने में जल एक प्रमुख कारक है। उन्होंने कहा कि भूजल पुनर्भरण तथा नहर स्वचालन के लिए आईसीएआर-भारतीय जल प्रबंधन संस्थान द्वारा विकसित तकनीकों को व्यापक स्तर पर अपनाया जाना चाहिए, ताकि अधिकतम लाभ प्राप्त हो सके।

विशिष्ट अतिथि इंजी. बी.पी. मिश्रा, मुख्य अभियंता, कृषि विभाग, ओडिशा सरकार ने अपने संबोधन में भविष्य की जल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भाकृअनुप-आईआईडब्ल्यूएम द्वारा विकसित जल संरक्षण तकनीकों को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
डॉ. पी.के. साहू, निदेशक, भाकृअनुप-केंद्रीय मीठाजल जलीय कृषि संस्थान, भुवनेश्वर, ने स्थापना दिवस व्याख्यान प्रस्तुत करते हुए कहा कि वर्षा जल संचयन तथा उसका कृषि-बागवानी फसलों और समेकित कृषि प्रणाली (IFS) मॉडल के अंतर्गत मत्स्य पालन में उपयोग किसानों की आय बढ़ाने में सहायक हो सकता है।
इससे पूर्व डॉ. ए. सारंगी, निदेशक, भाकृअनुप-आईआईडब्ल्यूएम ने विभिन्न उत्पादन परिस्थितियों के लिए वैज्ञानिकों द्वारा विकसित तकनीकों की जानकारी दी।
डॉ. सारंगी ने बताया कि आईसीएआर-भारतीय जल प्रबंधन संस्थान किसानों को एकीकृत सेंसर प्रणाली एवं नहर स्वचालन, भूजल पुनर्भरण तथा पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं जैसी अत्याधुनिक तकनीकों के उपयोग में मार्गदर्शन प्रदान कर रहा है। ओडिशा के विभिन्न जिलों के 11 प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया। संस्थान में उत्कृष्ट योगदान के लिए विभिन्न श्रेणियों में सर्वश्रेष्ठ कर्मचारी पुरस्कार भी प्रदान किए गए। इस अवसर पर संस्थान द्वारा प्रकाशित सात प्रकाशनों, जिनमें नीति संक्षेप, तकनीकी बुलेटिन, समाचार पत्रिका, सफलता की कहानियाँ तथा परियोजना पूर्णता रिपोर्ट शामिल थीं, का विमोचन किया गया।

दोपहर में वैज्ञानिक-किसान संवाद बैठक का आयोजन किया गया। संस्थान परिसर में भाकृअनुप-आईआईडब्ल्यूएम द्वारा विकसित जल संरक्षण तकनीकों को प्रदर्शित करने हेतु प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी भी आयोजित की गई तथा प्रतिभागियों को संस्थान के टेक्नोलॉजी पार्क का भ्रमण कराया गया। शाम के समय संस्थान के कर्मचारियों द्वारा “जलतरंग” नामक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया।
इस कार्यक्रम में भाकृअनुप संस्थानों के निदेशक एवं प्रमुख, राज्य सरकार के अधिकारी, वैज्ञानिक, तकनीकी अधिकारी, प्रशासनिक कर्मचारी, शोधार्थी तथा किसान सहित लगभग 285 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
(स्रोत: भाकृअनुप-भारतीय जल प्रबंधन संस्थान, भुवनेश्वर)







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