भाकृअनुप-आवीआरआई, इज्जतनगर ने दिल्ली चिड़ियाघर की सफेद बाघिन की मुश्किल अस्थि शल्य-चिकित्सा की संपन्न

भाकृअनुप-आवीआरआई, इज्जतनगर ने दिल्ली चिड़ियाघर की सफेद बाघिन की मुश्किल अस्थि शल्य-चिकित्सा की संपन्न

7 मार्च, 2026, नई दिल्ली

भाकृअनुप-भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान, बरेली, की एक खास सर्जिकल टीम ने दिल्ली के राष्ट्रीय जूलॉजिकल पार्क की, डेढ़ साल (18 महीने), दोनों पैर में टिबियल फ्रैक्चर से ग्रसित एक सफेद बाघिन के हड्डियों तथा जोड़ों की जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक संपन्न किया।

ICAR-IVRI, Izatnagar Performs Complex Orthopaedic Surgery on White Tigress from Delhi Zoo

बाघिन को 2 मार्च को चोटें आई, जिसके बाद चिड़ियाघर के जानवरों के डॉक्टर ने शुरुआती स्थिरीकरण किया। टूटे हुए हड्डी की गंभीरता को देखते हुए, इस केस को बाद में उन्नत शल्य-चिकित्सीय हस्तक्षेप के लिए निदेशक, भाकृअनुप-आवीआरआई, के पास भेजा गया।

एक अहम पड़ाव में, भाकृअनुप-आवीआरआई, जो पारंपरिक रूप से पालतू जानवरों पर उन्नत शल्य-चिकित्सीय प्रक्रिया करता रहा है उन्होंने पहली बार किसी जंगली जानवर पर इतनी मुश्किल सर्जरी की। इस मामले में, 7 मार्च को भाकृअनुप-आवीआरआई के जानवरों के डॉक्टरों की एक टीम ने फ्रैक्चर को ठीक करने के लिए छह घंटे की मैराथन सर्जरी की।

इस प्रक्रिया के दौरान, दाहिने टिबिया को डबल-प्लेटिंग तकनीक का इस्तेमाल करके स्थिर किया गया, जबकि बाएं टिबिया को रॉड-प्लेट कंस्ट्रक्ट से ठीक किया गया, जिससे टूटी हड्डियों का सही अलाइनमेंट के साथ-साथ स्थिरता बनी रही।

ऑपरेशन के बाद बाघिन अभी कड़ी निगरानी में है।

(स्रोत: भाकृअनुप-भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान, इज्जतनगर, बरेली)

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