भाकृअनुप-अटारी जोन X, हैदराबाद के अंतर्गत उर्वरकों के संतुलित उपयोग से जुड़े अभियान पर रिपोर्ट

भाकृअनुप-अटारी जोन X, हैदराबाद के अंतर्गत उर्वरकों के संतुलित उपयोग से जुड़े अभियान पर रिपोर्ट

31 मई, 2026, हैदराबाद

आंध्र प्रदेश के सर्वाधिक डीएपी उपभोग वाले जिलों, अर्थात् अनंतपुर, बापटला, गुंटूर, पलनाडु और प्रकाशम में आज आयोजित उर्वरकों के संतुलित उपयोग पर गहन अभियान के अंतर्गत कुल 5 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनसे 148 किसानों को लाभ मिला। इसके अतिरिक्त, गुंटूर और पलनाडु जिलों में 2 किसान गोष्ठी/फील्ड डे आयोजित किए गए, जिनमें 55 किसान शामिल हुआ, जबकि 25 किसानों ने केवीके का भ्रमण कर वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों के साथ तकनीकी मार्गदर्शन हेतु संवाद किया।

इन प्रसार गतिविधियों के माध्यम से कुल 228 किसानों तक प्रत्यक्ष भौतिक संपर्क के जरिए पहुंच बनाई गई। इस अभियान के तहत व्हाट्सएप, फेसबुक, एक्स तथा अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों के माध्यम से भी व्यापक प्रसार किया गया, जिससे 1,04,062 किसानों एवं हितधारकों तक जानकारी पहुंची। इस प्रकार अभियान के माध्यम से कुल 1,04,290 लाभार्थियों तक पहुंच बनाई गई, जिससे किसान समुदायों में उर्वरकों के संतुलित उपयोग, एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन तथा सतत मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन संबंधी जागरूकता को और सुदृढ़ किया गया।

Report on Campaign for Balanced Use of Fertilizers under ICAR-ATARI Zone X, Hyderabad

31.05.2026 को भाक-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान (अटारी), जोन X, हैदराबाद, के अंतर्गत कार्यरत 72 कृषि विज्ञान केन्द्रों (केवीके) द्वारा संचालित उर्वरकों के संतुलित उपयोग पर गहन अभियान के तहत आंध्र प्रदेश में कुल 5 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनसे 148 किसानों को लाभ प्राप्त हुआ।

इसके अतिरिक्त, 2 किसान गोष्ठी/फील्ड डे आयोजित किए गए, जिनमें 55 किसानों ने भाग लिया, जबकि 25 किसानों ने केवीके का भ्रमण कर वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों से तकनीकी मार्गदर्शन प्राप्त किया। प्रत्यक्ष प्रसार गतिविधियों के माध्यम से कुल 228 किसानों तक भौतिक रूप से पहुंच बनाई गई। प्रदर्शन गतिविधियों के अंतर्गत 2 हरित खाद (ग्रीन मैन्योरिंग) प्रदर्शन तथा 2 जैव उर्वरक (बायो-फर्टिलाइजर) प्रदर्शन आयोजित किए गए, ताकि सतत पोषक तत्व प्रबंधन पद्धतियों को बढ़ावा दिया जा सके।

अभियान के तहत व्हाट्सएप, फेसबुक, एक्स तथा अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों के माध्यम से भी व्यापक प्रसार किया गया, जिससे कुल 1,04,996 किसानों एवं हितधारकों तक पहुंच बनाई गई। इनमें आंध्र प्रदेश के 1,04,062, तमिलनाडु के 374 तथा पुडुचेरी के 560 लाभार्थी शामिल थे। इस प्रकार अभियान के माध्यम से कुल 1,05,224 लाभार्थियों तक पहुंच दर्ज की गई, जिससे किसान समुदायों में उर्वरकों के संतुलित उपयोग, एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन तथा सतत मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन संबंधी जागरूकता को उल्लेखनीय रूप से सुदृढ़ किया गया।

(स्रोत: भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, जोन X, हैदराबाद)

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