24 मार्च, 2026, हैदराबाद
भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद, में आज फार्मर फर्स्ट कार्यक्रम की क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधन समिति (जेडपीएमसी ) की बैठक आयोजित की गई, जिसमें वर्ष 2025-26 के दौरान कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की गई।
डॉ. शेख एन. मीरा, निदेशक, भाकृअनुप-अटारी, हैदराबाद तथा जेडपीएमसी के अध्यक्ष ने अपने संबोधन में कार्यक्रम के महत्व और केन्द्रों से अपेक्षाओं पर बल दिया।

कार्यान्वयन करने वाले संगठनों— भाकृअनुप-भारतीय तेल ताड़ अनुसंधान संस्थान, भाकृअनुप-भारतीय तिलहन अनुसंधान संस्थान, तमिलनाडु पशु चिकित्सा और पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, भाकृअनुप-केन्द्रीय शुष्क भूमि कृषि अनुसंधान संस्थान तथा भाकृअनुप-भारतीय कदन्न अनुसंधान संस्थान—के प्रधान अन्वेषकों (पीआई) ने वर्ष 2025-26 के कार्यों की प्रगति प्रस्तुत की। पहली प्रस्तुति भाकृअनुप-भारतीय तेल ताड़ अनुसंधान संस्थान केंद्र के पीआई द्वारा दी गई, जिसमें तेल पाम आधारित फसल प्रणालियों की लाभप्रदता बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया। इसके बाद भाकृअनुप-भारतीय तेल ताड़ अनुसंधान संस्थान के पीआई ने तिलहन उत्पादन तकनीकों पर प्रस्तुति दी, जिसका उद्देश्य तेलंगाना के वर्षा-आधारित क्षेत्रों में छोटे किसानों की आय और सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार करना है।
भाकृअनुप-केन्द्रीय शुष्क भूमि कृषि अनुसंधान संस्थान केन्द्र के पीआई ने दक्षिणी तेलंगाना के वर्षा-आधारित क्षेत्रों में प्राकृतिक संसाधन विकास के माध्यम से सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण पर किए गए कार्यों की जानकारी दी। इसके बाद तमिलनाडु पशु चिकित्सा और पशु विज्ञान विश्वविद्यालय केन्द्र के पीआई ने तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में तकनीकी हस्तक्षेपों के माध्यम से किसानों की आजीविका सुरक्षा में सुधार पर प्रस्तुति दी। अंतिम प्रस्तुति भाकृअनुप-भारतीय श्री अन्न अनुसंधान संस्थान केन्द्र के पीआई द्वारा दी गई, जिसमें केंद्रीय तेलंगाना क्षेत्र में छोटे किसानों की आजीविका सुधार हेतु सहभागी तकनीकी सत्यापन, विविधीकरण और मूल्य संवर्धन पर प्रकाश डाला गया।

बैठक में डॉ. वी. रशीद सुलेमान (निदेशक, क्रिस्प, हैदराबाद) आमंत्रित विशेषज्ञ सदस्य के रूप में तथा श्री जी. नागरत्नम नायडू (किसान प्रतिनिधि सदस्य) ने भाग लिया। इसके अलावा भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिकों तथा विभिन्न संस्थानों से जुड़े पीआई एवं सह- पीआई भी इस समीक्षा बैठक में शामिल हुए।
(स्रोत: भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद)







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