भाकृअनुप-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई), झारखंड, ने झारखंड स्थित गौरिया कर्मा परिसर में हर्षोल्लास एवं गरिमापूर्ण वातावरण में अपना 12वां स्थापना दिवस का आयोजन किया। इस अवसर पर संस्थान की कृषि अनुसंधान, शिक्षा, नवाचार तथा प्रौद्योगिकी प्रसार के क्षेत्र में उपलब्धियों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया।
समारोह के मुख्य अतिथि डॉ. एम.एल. जाट, सचिव, कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (डेयर) तथा महानिदेशक, भाकृअनुप, ने वर्चुअल माध्यम से समारोह को संबोधित करते हुए स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने पूर्वी भारत में कृषि अनुसंधान, शिक्षा तथा किसानोन्मुखी प्रौद्योगिकी विकास में संस्थान के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि जलवायु-स्मार्ट कृषि, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण तथा नवाचार आधारित अनुसंधान भविष्य की आवश्यकता हैं।

इस अवसर पर डॉ. जाट ने लगभग 20.55 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित संस्थान की छह नई अवसंरचनात्मक परियोजनाओं का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया। इनमें स्वामी विवेकानंद अकादमिक कॉम्प्लेक्स, जयपाल सिंह मुंडा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, तुलसी स्वास्थ्य केन्द्र, कुसुम शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, 16 टाइप-4 आवास तथा 8 टाइप-3 आवास शामिल हैं। ये सुविधाएं संस्थान की शैक्षणिक, अनुसंधान, खेल, स्वास्थ्य तथा आवासीय व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ करेंगी।
विशिष्ट अतिथि डॉ. डी.के. यादव, उप-महानिदेशक (फसल विज्ञान), भाकृअनुप ने संस्थान की उपलब्धियों की सराहना करते हुए बहुविषयक अनुसंधान, परिशुद्ध कृषि (प्रिसिजन एग्रीकल्चर), डिजिटल प्रौद्योगिकियों तथा प्रभावी प्रौद्योगिकी हस्तांतरण पर बल दिया। इस अवसर पर संस्थान के प्रकाशनों का भी विमोचन किया गया।

डॉ. चेरुकमल्ली श्रीनिवास राव, निदेशक-सह-कुलपति, भाकृअनुप-आईएआरआई, ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में संस्थान की उपलब्धियों एवं भावी योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, जलवायु-अनुकूल कृषि, उन्नत फसल प्रौद्योगिकी, बागवानी, बीज उत्पादन तथा किसानोन्मुखी विस्तार कार्यक्रमों में संस्थान की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। डॉ. सी. विश्वनाथन, संयुक्त निदेशक (अनुसंधान), ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि अनुसंधान, शिक्षा तथा किसान कल्याण के प्रति संस्थान की निरंतर प्रतिबद्धता को दोहराया।
समारोह का मुख्य आकर्षण विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान के लिए पुरस्कार एवं प्रशस्ति-पत्रों का वितरण रहा। इसके अतिरिक्त उत्कृष्ट विद्यार्थियों, प्रगतिशील किसानों, चौपारण सीएससी, हजारीबाग (सर्वश्रेष्ठ किसान उत्पादक संगठन - एफपीओ के रूप में सम्मानित), मीडिया प्रतिनिधियों तथा संस्थान के आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को भी उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

समारोह में संस्थान के वैज्ञानिकों, विद्यार्थियों, तकनीकी एवं प्रशासनिक कर्मचारियों, प्रगतिशील किसानों तथा आसपास के क्षेत्रों से आए अनेक हितधारकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का समापन डॉ. विशाल नाथ द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
(स्रोत: भाकृअनुप-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली)







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