18 मार्च, 2026, हैदराबाद
जलवायु-संवेदनशील कृषि, पोषण सुरक्षा और किसान सशक्तिकरण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए भाकृअनुप–भारतीय श्री अन्न अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद, ने अपने परिसर में श्री अन्न पर वैश्विक उत्कृष्टता केन्द्र (GCoE–Millets – श्री अन्न) का तृतीय स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर टिकाऊ खाद्य प्रणालियों को सुदृढ़ करने और ग्रामीण आजीविका में सुधार लाने में श्री अन्न की परिवर्तनकारी भूमिका को रेखांकित किया गया।
इस कार्यक्रम में श्री अभय शर्मा, हेड संचालन प्रमुख (डिजिटलाइजेशन), आईसीआईसीआई फाउंडेशन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अनुसंधान, डिजिटलीकरण और फील्ड स्तर पर हस्तक्षेपों को समाहित करते हुए मिलेट क्षेत्र में परिवर्तन लाने के लिए आईसीएआर–आईआईएमआर के प्रयासों की सराहना की।
डॉ. एस.के. प्रधान, सहायक महानिदेशक (एपएफसी), भाकृअनुप, ने अपने वर्चुअल संबोधन में किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को समर्थन, मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देने और बाजार संपर्क स्थापित करने के माध्यम से श्री अन्न आधारित उद्यमों के लिए मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने में संस्थान की भूमिका की प्रशंसा की। डॉ. संजीव गुप्ता, सहायक महानिदेशक (सीड्स, ओ एवं पी), आईसीएआर ने भी ऑनलाइन भाग लेते हुए बीज प्रणाली को सुदृढ़ करने, अनुसंधान को आगे बढ़ाने तथा श्री अन्न प्रौद्योगिकियों के प्रभावी प्रसार में संस्थान के योगदान की सराहना की।
डॉ. वाई. वेंकटेश्वर राव, पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित, रैतु नेस्थम फाउंडेशन से जुड़े, ने पारंपरिक ज्ञान एवं आधुनिक वैज्ञानिक प्रगति के बीच सेतु बनाने में संस्थान की सफलता की सराहना की।

डॉ. सी तारा सत्यवती, निदेशक, भाकृअनुप–आईआईएमआर ने GCoE–Millets के साथ-साथ टीएसपी, एससीएसपी और एनईएच कार्यक्रमों के अंतर्गत संस्थान की प्रमुख उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने उन्नत मिलेट किस्मों के विकास, मूल्य संवर्धित उत्पादों के प्रसार, एफपीओ को सशक्त बनाने तथा किसानों को प्रौद्योगिकी और बाजारों से जोड़ने के प्रयासों को रेखांकित किया, जिससे किसानों की आय में वृद्धि तथा जलवायु परिवर्तन के प्रति उनकी अनुकूलन क्षमता में सुधार हुआ है।
डॉ. एम.एल जाट, सचिव (डेयर) एवं महानिदेशक (भाकृअनुप) तथा डॉ. डी.के. यादव, उप-महानिदेशक (फसल विज्ञान), भाकृअनुप ने अपने संदेशों के माध्यम से श्री अन्न अनुसंधान एवं विकास में संस्थान के योगदान की सराहना की।
कार्यक्रम के दौरान भाकृअनुप–आईआईएमआर द्वारा विकसित प्रकाशनों एवं नवीन प्रौद्योगिकियों का विमोचन किया गया। मिलेट अनुसंधान और प्रसार में उत्कृष्टता के लिए पुरस्कार भी प्रदान किए गए। टेकमल, डुंडुबी और बालानगर के किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को मिलेट मूल्य श्रृंखला को सुदृढ़ करने में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। लेखा एवं वित्त अनुभाग को सर्वश्रेष्ठ कर्मचारी पुरस्कार प्रदान किया गया तथा नई मिलेट किस्मों के विकास में योगदान देने वाले वैज्ञानिकों को भी सम्मानित किया गया।
मूल्य संवर्धित श्री अन्न प्रौद्योगिकियों के व्यवसायीकरण हेतु एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए, जो उद्योग से जुड़ाव को मजबूत करने तथा श्री अन्न आधारित उद्यमों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
सभी विशिष्ट अतिथियों ने मिलकर श्री अन्न पर वैश्विक उत्कृष्टता केन्द्र की भूमिका की सराहना की और किसानों की आय बढ़ाने, सतत कृषि को प्रोत्साहित करने तथा पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने में इसके योगदान को महत्वपूर्ण बताया।
(स्रोत: भाकृअनुप–भारतीय श्री अन्न अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद)







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