भाकृअनुप-आईआईडब्ल्यूसी, देहरादून तथा राष्ट्रीय वर्षा सिंचित क्षेत्र प्राधिकरण ने जलागम और प्राकृतिक संसाधनों पर सहयोग मजबूत करने के लिए संवाद बैठक का कियै आयोजन

भाकृअनुप-आईआईडब्ल्यूसी, देहरादून तथा राष्ट्रीय वर्षा सिंचित क्षेत्र प्राधिकरण ने जलागम और प्राकृतिक संसाधनों पर सहयोग मजबूत करने के लिए संवाद बैठक का कियै आयोजन

18 सितंबर 2026, देहरादून

भाकृअनुप-भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान, देहरादून में डॉ. शकीर अली, निदेशक, भाकृअनुप-आईआईडब्ल्यूसी, संस्थान के वैज्ञानिकों और डॉ. चंद्र शेखर कुमार, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ), राष्ट्रीय वर्षा सिंचित क्षेत्र प्राधिकरण (एनआरएए), कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के बीच एक संवाद बैठक आयोजित की गई।

इसके बाद डॉ. शकीर अली, निदेशक, भाकृअनुप-आईआईडब्ल्यूसी ने संस्थान का अवलोकन प्रस्तुत किया, जिसमें मृदा एवं जल संरक्षण के क्षेत्र में इसकी प्रमुख अनुसंधान उपलब्धियों, विशेषज्ञता और चल रही गतिविधियों पर प्रकाश डाला गया। उन्होंने अनुसंधान, प्रौद्योगिकी विकास, क्षमता निर्माण और साक्ष्य-आधारित जलागम प्रबंधन में एनआरएए और भाकृअनुप-आईआईडब्ल्यूसी के बीच भविष्य के सहयोग को मजबूत करने की संभावनाओं को भी रेखांकित किया।

ICAR-IISWC, Dehradun and National Rainfed Area Authority hold Interaction Meeting to Strengthen Collaboration on Watershed and Natural Resource Management

अपने संबोधन में डॉ. चंद्र शेखर कुमार, सीईओ, एनआरएए ने वैज्ञानिकों और जलागम क्षेत्र के कार्यकर्ताओं को महत्वपूर्ण और साक्ष्य-आधारित सोच अपनाने तथा जमीनी वास्तविकताओं से उभरने वाले नवोन्मेषी प्रस्ताव तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने जोर दिया कि मजबूत वैज्ञानिक साक्ष्य, गुणवत्तापूर्ण आंकड़े और व्यावहारिक क्षेत्रीय अनुभव जलागम एवं प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन के क्षेत्र में सूचित निर्णय लेने और उपयुक्त नीतिगत हस्तक्षेपों में सहायता कर सकते हैं।

सत्र में उत्तराखंड के जलागम विभाग द्वारा की गई प्रमुख पहलों और क्षेत्र-स्तरीय गतिविधियों के साथ-साथ अनुसंधान और कार्यान्वयन के बीच संबंधों को मजबूत करने के दृष्टिकोण पर प्रकाश डाला गया।

शोधकर्ताओं और जलागम कार्यान्वयन एजेंसियों के बीच निरंतर सहभागिता के लिए एक संवादात्मक मंच के उपयोग की पहल का स्वागत किया गया। क्षेत्रीय अनुभवों और वैज्ञानिक ज्ञान के निरंतर आदान-प्रदान के महत्व पर भी जोर दिया गया।

ICAR-IISWC, Dehradun and National Rainfed Area Authority hold Interaction Meeting to Strengthen Collaboration on Watershed and Natural Resource Management

बैठक के दौरान उच्च गुणवत्ता और वैज्ञानिक रूप से मजबूत आंकड़ों के सृजन के लिए परियोजनाओं में उन्नत तकनीकी हस्तक्षेपों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया। प्रतिभागियों ने व्यवस्थित डेटाबेस प्रबंधन और प्राकृतिक संसाधनों से संबंधित डेटासेट को एक साझा डिजिटल मंच पर एकीकृत करने के महत्व पर प्रकाश डाला, जिससे अनुसंधान, योजना और नीति निर्माण के लिए सूचनाओं तक कुशल पहुंच, विश्लेषण और उपयोग में सुविधा हो सकती है।

बैठक ने वैज्ञानिकों, नीति-निर्माताओं और जलागम क्षेत्र के कार्यकर्ताओं के बीच संवाद के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया तथा सहयोगात्मक अनुसंधान और क्षेत्र-आधारित हस्तक्षेपों के लिए कई संभावित क्षेत्रों की पहचान की। प्रतिभागियों ने विज्ञान-आधारित, प्रौद्योगिकी-सक्षम और सतत जलागम विकास को मजबूत करने के लिए निरंतर संवाद और समन्वित प्रयासों की आवश्यकता व्यक्त की।

(स्रोत: भाकृअनुप-भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान, देहरादून)

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