भाकृअनुप–आईआईआरएमआर भरतपुर ने कृषि अनुसंधान में आईपीआर पर कार्यशाला के साथ विश्व बौद्धिक संपदा दिवस 2026 का किया आयोजन

भाकृअनुप–आईआईआरएमआर भरतपुर ने कृषि अनुसंधान में आईपीआर पर कार्यशाला के साथ विश्व बौद्धिक संपदा दिवस 2026 का किया आयोजन

28 अप्रैल, 2026, भरतपुर

भाकृअनुप–भारतीय रेपसीड-सरसों अनुसंधान संस्थान, भरतपुर, ने 28 अप्रैल, 2026 को “कृषि अनुसंधान एवं प्रबंधन में बौद्धिक संपदा अधिकार” विषय पर कार्यशाला आयोजित कर विश्व बौद्धिक संपदा दिवस मनाया।

 

ICAR–IIRMR Bharatpur Marks World Intellectual Property Day 2026 with Workshop on IPR in Agricultural Research

अपने उद्घाटन संबोधन में संस्थान के डॉ. वी.वी. सिंह. निदेशक, भाकृअनुप–आईआईआरएमआर, ने कृषि अनुसंधान में बौद्धिक संपदा अधिकारों (आईपीआर) के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने वैज्ञानिक नवाचारों को पेटेंट, ट्रेडमार्क और कॉपीराइट के माध्यम से सुरक्षित करने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि उनकी व्यावसायिक संभावनाओं तथा सामाजिक उपयोगिता को बढ़ाया जा सके।

“भारत में पेटेंट संरक्षण के माध्यम से कृषि नवाचार का रूपांतरण” विषय पर आयोजित विशेषज्ञ व्याख्यान में कृषि अनुसंधान में पेटेंट की महत्वपूर्ण भूमिका पर चर्चा की गई। वक्ता ने वैज्ञानिकों को अनुसंधान के प्रारंभिक चरण से ही पेटेंट संबंधी सुरक्षा उपाय अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि नवाचारों का प्रभावी संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके। सत्र में पेटेंट फाइलिंग प्रक्रिया तथा उसके दीर्घकालिक लाभों की भी विस्तृत जानकारी दी गई। आउटरीच सत्र के दौरान कृषि उत्पादों में गुणवत्ता मानकों को बनाए रखने पर विशेष बल दिया गया, जिससे बाजार प्रतिस्पर्धा को मजबूत करने तथा उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ाने में सहायता मिल सके। 

ICAR–IIRMR Bharatpur Marks World Intellectual Property Day 2026 with Workshop on IPR in Agricultural Research

इस कार्यक्रम ने तेजी से विकसित हो रहे नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र में बौद्धिक संपदा की सुरक्षा से जुड़े तकनीकी एवं विधिक चुनौतियों तथा रणनीतिक उपायों पर महत्वपूर्ण दृष्टिकोण प्रदान किया। कार्यक्रम में वैज्ञानिकों, तकनीकी कर्मियों एवं स्टार्टअप प्रतिनिधियों सहित 35 से अधिक प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।

(स्रोत: भाकृअनुप–भारतीय रेपसीड-सरसों अनुसंधान संस्थान)

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