26 फरवरी, 2026, असम
भाकृअनुप-केन्द्रीय अन्तर्देशीय मात्स्यिकी अनुसंधान संस्थान, बैरकपुर, तथा एशियाई विकास बैंक (एडीबी) से वित्तीय सहायता प्राप्त असम टिकाऊ आर्द्रभूमि एंड एकीकृत मात्स्यिकी सुधार परियोजना की योजना प्रबंधन इकाई तथा योजना कार्यान्वयन इकाई के बीच आज एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया गया।
एमओयू के अनुसार, भाकृअनुप-सिफरी, असम में ‘मछली उत्पादन तथा उत्पादकता बढ़ाने सहित बील फिशरीज़ के टिकाऊ विकास एवं प्रबंधन’ पर तकनीकी सेवा देगा। यह प्रोजेक्ट 24 महीने के समय में ₹2.88 करोड़ के कुल बजट के साथ लागू किया जाएगा।
भाकृअनुप-सिफरी की ओर से, एमओयू पर डॉ. बसंत कुमार दास, एआरएस, निदेशक, भाकृअनुप-सिफरी, ने साइन किए। पीएमयू, एसडब्ल्यूआईएफटी की तरफ से साइन करने वाले वीरेंद्र मित्तल, भारतीय प्रशासनिक सेवा, राज्य परियोजना निदेशक, एआरआईएएस सोसाइटी, असम थे, जबकि गौरी शंकर दास, एसीएस, निदेशक, मात्स्यिकी, असम, ने पीआईयू, एसडब्ल्यूआईएफटी, की तरफ से हस्ताक्षर किया।

The MoU was signed in the august presence of Sunae Kim, ADB Project Team Leader, and Ji Seon Kim, ADB Team Member, एमओयू पर, सुनाये किम, टीम लीडर, परियोजना, एडीबी, और जी सियोन किम, टीम मेंबर, एडीबी के साथ-साथ एडीबी, भाकृअनुप-सिफरी, एआरआईएएस सोसाइटी, असम, के वरिष्ठ अधिकारियों तथा एडीबी-एसडब्ल्यूआईएफटी परियोजना टीम के सदस्यों की मौजूदगी में हस्ताक्षर किया गया।
संभानाएं एवं उद्देश्य
इस समझौते के अंतर्गत भाकृअनुप-सिफरी असम में सतत आर्द्रभूमि मत्स्य प्रबंधन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कई व्यापक गतिविधियां संचालित करेगा। प्रमुख कार्यक्षेत्र इस प्रकार हैं:
· मत्स्य विभाग ([डीओएफ) की क्षमता को मजबूत करना, ताकि वह सतत बील पारिस्थितिकी तंत्र प्रबंधन एवं बेहतर मत्स्य उत्पादन पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए तकनीकी सलाह दे सके।
· सामुदायिक आधारित बील विकास समितियों (बीडीसी) की क्षमता का विकास, जिससे वे सतत मत्स्य उत्पादन और पारिस्थितिकी तंत्र प्रबंधन की प्रक्रियाओं को लागू कर सकें।
· बील मत्स्य उत्पादन तथा उत्पादकता बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान, जिसमें परियोजना के अंतर्गत आने वाले बीलों में नियमित और वैज्ञानिक तरीके से मत्स्य उत्पादन की निगरानी शामिल है।
· पारिस्थितिकी स्वास्थ्य, उत्पादकता रुझानों तथा स्थिरता संकेतकों के आकलन के लिए अनुसंधान-आधारित पद्धतियों का समावेशन।
मुख्य गतिविधि
भाकृअनुप-सिफरी द्वारा इस परियोजना के अंतर्गत निम्नलिखित प्रमुख कार्य किए जाएंगे:
· बीलों (आर्द्रभूमियों) में जल गुणवत्ता मानकों की निगरानी।
· मछली उत्पादन बढ़ाने के लिए विज्ञान आधारित रणनीतियों और दिशानिर्देशों की सिफारिश।
· छोटी स्वदेशी मछली प्रजातियों का संरक्षण तथा उत्पादन वृद्धि।
· जैव विविधता की निगरानी तथा पारिस्थितिकी तंत्र के स्वास्थ्य का आकलन।
इस परियोजना के अंतर्गत असम के कुल 100 बीलों को शामिल किया जाएगा।
यह सहयोग वैज्ञानिक आधारित हस्तक्षेपों के माध्यम से सतत आर्द्रभूमि मत्स्य प्रबंधन को मजबूत करने तथा स्थानीय आजीविका में सुधार लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
(स्रोत: भाकृअनुप-केन्द्रीय अन्तर्देशीय मात्स्यिकी अनुसंधान संस्थान, बैरकपुर)








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