20 जून, 2026, अल्मोड़ा
कृषि विज्ञान केन्द्र, काफलीगैर में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त के लाइव प्रसारण कार्यक्रम एवं "खेती बचाओ अभियान" पर कृषक गोष्ठी का सफलतापूर्वक आयोजन डॉ. लक्ष्मीकांत,निदेशक, भाकृअनुप-वीपीकेएएस एवं डॉ. एन.के.हेडाऊ, नोडल अधिकारी, कृषि विज्ञान केन्द्र, काफलीगैर, के निर्देशन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के किसानों,जनप्रतिनिधियों एवं कृषि विशेषज्ञों ने प्रतिभाग कर कृषि विकास एवं किसान हितों से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती पार्वती दास, विधायक, बागेश्वर, उपस्थित रहीं। विधायक ने सरकार द्वारा संचालित कृषि एवं किसान कल्याणकारी योजनाओं की संबंधित विभाग से जानकारी लेकर आधुनिक तकनीक से कृषि, उद्यान एवं पशुपालन को अपनाने पर जोर दिया,जिससे किसानों की आय में वृद्धि हो सके।
कार्यक्रम के प्रारंभ में किसान गोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें किसानों की समस्याओं, सुझावों एवं प्रश्नों पर विस्तार से चर्चा करते हुए उनके समाधान बताए गए। इस अवसर पर किसानों को सब्जी वाटिका हेतु बीज भी वितरित किए गए, जिससे परिवार स्तर पर पोषण सुरक्षा एवं आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिल सके। कृषि विभाग से मुख्य कृषि अधिकारी के प्रतिनिधि के रूप में उपस्थित श्री विकास बिष्ट ने किसानों को विभागीय योजनाओं,कृषि क्षेत्र में संचालित कार्यक्रमों तथा विभिन्न सरकारी लाभकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की। कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष डॉ. राज कुमार ने किसानों को खेत संरक्षण, संतुलित उर्वरक उपयोग, मिट्टी स्वास्थ्य संरक्षण तथा केंद्र सरकार द्वारा संचालित मृदा संरक्षण संबंधी प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने वैज्ञानिक खेती अपनाने एवं उर्वरकों के संतुलित प्रयोग पर विशेष बल दिया।

डॉ. एन.के. सिंह (एसएमएस) ने पशुपालन एवं कृषि के समन्वित मॉडल, मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने तथा संतुलित पोषण प्रबंधन के साथ-साथ प्राकृतिक एवं जैविक खेती के विषय में विस्तार से जानकारी दी। इसके पश्चात श्री हरीश चंद्र जोशी, कुरमौला द्वारा फसल एवं खेत सुरक्षा,पौध संरक्षण तथा विभिन्न कृषि तकनीकों की जानकारी साझा की गई। साथ ही वी.एल. कुरमुला लाइट ट्रैप तथा डब्ल्यू जी पी एस बी-2 पाउडर के उपयोग से कीट नियंत्रण की विधियों एवं मिट्टी की उर्वर शक्ति बढ़ाने के उपायों पर भी चर्चा की गई।
श्रीमती संस्कृति सिंह ने किसानों को सब्जी वाटिका के महत्व,घरेलू पोषण सुरक्षा तथा स्थानीय स्तर पर सब्जी उत्पादन के लाभों की जानकारी दी। डॉ. राजेश कुमार मीणा ने सब्जियों की पौधशाला प्रबंधन पर व्याख्यान दिया।

कार्यक्रम में क्षेत्र के ग्राम प्रधानों ने भी प्रतिभाग किया तथा किसानों के साथ संवाद स्थापित किया।
अंत में सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया तथा किसानों को कृषि विज्ञान केन्द्र से निरंतर जुड़े रहकर वैज्ञानिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में कुल 142 किसानों की सहभागिता रही।
(स्रोतः भाकृअनुप-वीपीकेएएस, अल्मोड़ा)








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