भाकृअनुप-आईवीआरआई, बरेली ने एनईएच घटक के तहत नागा किसानों को वैज्ञानिक शूकर पालन प्रबंधन का दिया प्रशिक्षण

भाकृअनुप-आईवीआरआई, बरेली ने एनईएच घटक के तहत नागा किसानों को वैज्ञानिक शूकर पालन प्रबंधन का दिया प्रशिक्षण

12-14 अक्टूबर, 2026, बरेली

वैज्ञानिक सुअर पालन के माध्यम से ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने और सतत आय सृजन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “एनईएच कार्यक्रम के तहत वैज्ञानिक सुअर उत्पादन और प्रबंधन के माध्यम से ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाना” विषय पर तीन दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम 12 से 14 अक्टूबर, 2026 तक भाकृअनुप–कृषि विज्ञान केन्द्र (केवीके), फेक, नागालैंड में आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का आयोजन भाकृअनुपआईसीएआर–केवीके फेक ने भाकृअनुप–मिथुन पर राष्ट्रीय अनुसंधान केंद्र, मेडजीफेमा के अंतर्गत कार्य करते हुए इस कार्यक्रम का आयोजन किया, जो भाकृअनुप–कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, जोन VII, उमियाम के अधीन कार्यरत है।

ICAR-IVRI, Bareilly Trains Naga Farmers in Scientific Piggery Management under NEH Component

कार्यक्रम का समन्वय भाकृअनुप–केवीके फेक के मार्गदर्शन में किया गया और इसकी शुरुआत स्वागत संबोधन तथा परिचयात्मक वक्तव्य के साथ हुई, जिसमें पशुधन उत्पादकता में सुधार, किसानों की आय बढ़ाने और क्षेत्र में ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने में वैज्ञानिक सुअर पालन प्रबंधन के महत्व पर प्रकाश डाला गया।

प्रशिक्षण के दौरान तकनीकी सत्रों में उपयुक्त सुअर नस्लों का चयन, वैज्ञानिक आवास व्यवस्था, आहार एवं प्रजनन प्रबंधन, विपणन रणनीतियां और मूल्य संवर्धन को शामिल किया गया। उत्पादकता बढ़ाने और सुअर पालन की लाभप्रदता सुनिश्चित करने के लिए उन्नत प्रबंधन पद्धतियों को अपनाने पर जोर दिया गया।

आगे के सत्रों में जैव सुरक्षा और जैव-सुरक्षा उपायों, टीकाकरण कार्यक्रम तथा वैज्ञानिक पिगलेट प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित किया गया। रोगों की रोकथाम, फार्म की स्वच्छता और उचित पिगलेट देखभाल को मृत्यु दर कम करने, पशु स्वास्थ्य में सुधार करने और समग्र फार्म उत्पादकता को मजबूत करने के लिए आवश्यक बताया गया।

ICAR-IVRI, Bareilly Trains Naga Farmers in Scientific Piggery Management under NEH Component

कार्यक्रम में किसान–वैज्ञानिक संवाद भी शामिल था, जिसमें प्रतिभागियों को अपनी क्षेत्रीय समस्याओं पर चर्चा करने और सुअर पालन के विभिन्न पहलुओं पर विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर मिला।

वैज्ञानिक सुअर पालन प्रबंधन पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु प्रतिभागी किसानों को स्टार्टर फीड, मल्टीविटामिन सप्लीमेंट और मल्टीमिनरल सप्लीमेंट के साथ पिगलेट प्रदान किए गए। इस पहल से किसानों को सुअर पालन इकाइयों की स्थापना और सुधार करने, घरेलू आय बढ़ाने तथा फेक जिले में सतत पशुधन आधारित आजीविका को बढ़ावा देने में सहायता मिलने की उम्मीद है।

(स्रोत: भाकृअनुप-कृषि विज्ञान केन्द्र, फेक, नागालैंड)

×