सेशेल्स के प्रतिनिधिमंडल ने भाकृअनुप-सीआईएफटी, कोच्चि का दौरा किया, मत्स्य पालन और ब्लू इकोनॉमी में सहयोग के अवसरों पर चर्चा

सेशेल्स के प्रतिनिधिमंडल ने भाकृअनुप-सीआईएफटी, कोच्चि का दौरा किया, मत्स्य पालन और ब्लू इकोनॉमी में सहयोग के अवसरों पर चर्चा

27 अगस्त, 2026, कोच्चि

सेशेल्स गणराज्य के सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने मत्स्य पालन, कृषि और ब्लू इकोनॉमी मंत्री महामहिम वालेस कॉसग्रो के नेतृत्व में आज भाकृअनुप–केन्द्रीय मत्स्य प्रौद्योगिकी संस्थान, कोच्चि का दौरा किया। यह दौरा 24 से 28 अगस्त, 2026 तक भारत की आधिकारिक यात्रा के तहत किया गया।

प्रतिनिधिमंडल ने सीआईएफटी के निदेशक और वरिष्ठ वैज्ञानिकों के साथ मछली पकड़ने की प्रौद्योगिकी, मछली प्रसंस्करण एवं सर्कुलर इकोनॉमी तथा गुणवत्ता आश्वासन पर चर्चा की। दौरे के दौरान सेशेल्स के मत्स्य पालन, कृषि और ब्लू इकोनॉमी मंत्री महामहिम वालेस कॉसग्रो ने कहा कि मत्स्य पालन सेशेल्स की अर्थव्यवस्था का दूसरा स्तंभ है और देश का लक्ष्य मुख्य रूप से टूना सहित पकड़ी गई मछलियों से अधिकतम राजस्व प्राप्त करना है। उन्होंने कहा कि अधिक सर्कुलरिटी और मूल्य प्राप्त करके कटाई के बाद का प्रबंधन एक महत्वपूर्ण रणनीति है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से विभिन्न स्तरों पर क्षमता निर्माण के लिए सहयोग की काफी संभावनाएं हैं और यह दोनों देशों के लिए लाभकारी स्थिति हो सकती है।

Seychelles delegation visits ICAR-CIFT, Kochi discusses opportunities for fisheries and blue economy cooperation

डॉ. जॉर्ज निनान ने जिम्मेदार मछली पकड़ने की प्रणालियों के डिजाइन और विकास, मत्स्य प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, अपशिष्ट उपयोग, गुणवत्ता आश्वासन और कटाई के बाद के प्रबंधन में भाकृअनुप-सीआईएफटी की विशेषज्ञता और तकनीकी क्षमताओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने मत्स्य संसाधनों की दक्षता, स्थिरता और मूल्य में सुधार के उद्देश्य से प्रौद्योगिकियां विकसित करने में संस्थान के अनुभव पर भी जोर दिया।
 

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सेशेल्स के प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने विशेष रूप से बचे हुए कच्चे माल और समुद्री शैवाल से उच्च मूल्य वाले उत्पादों, मछली पकड़ने वाले जहाजों के डिजाइन और मानकों तथा जहाज पर प्रशिक्षण के अवसरों जैसे क्षेत्रों में संस्थान के कार्य में रुचि व्यक्त की। प्रतिनिधिमंडल ने संस्थान की सुविधाओं का भी दौरा किया।

इस दौरे से सेशेल्स और आईसीएआर-सीआईएफटी के बीच संस्थागत संबंधों को मजबूत करने तथा मत्स्य प्रौद्योगिकी, अनुसंधान, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण में सहयोग के व्यावहारिक अवसरों की पहचान करने का अवसर मिला।

(स्रोत: भाकृअनुप–केन्द्रीय मत्स्य प्रौद्योगिकी संस्थान, कोच्चि)

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