9 मार्च, 2026, बेंगलुरु
भाकृअनुप–राष्ट्रीय पशु रोग महामारी विज्ञान एवं रोग सूचना विज्ञान संस्थान (निवेडी), बेंगलुरु, की 18वीं अनुसंधान सलाहकार समिति (आरएसी) की बैठक आज डॉ. जे.पी,एस. गिल, कुलपति, गुरु अंगद देव पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, लुधियाना की अध्यक्षता में आयोजित की गई।
बैठक में डॉ. मृत्युंजय, पूर्व निदेशक, राष्ट्रीय कृषि अर्थशास्त्र एवं नीतिगत अनुसंधान संस्थान (एनआईएपी) तथा डॉ. अशोक कुमार तिवारी, पूर्व निदेशक, भाकृअनुप–केन्द्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान (सीएआरआई) सहित कई प्रतिष्ठित विशेषज्ञ उपस्थित रहे। डॉ. एम.एम. परिदा, निदेशक, रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान (डीआरडीई), डीआरडीओ तथा डॉ. दिवाकर हिमाद्री, सहायक महानिदेशक (पशु स्वास्थ्य), भाकृअनुप, ने बैठक में वर्चुअल माध्यम से भाग लिया।

बैठक के दौरान, डॉ. बलदेव राज गुलाटी, निदेशक, भाकृअनुप–निवेदी, ने पशुधन रोग महामारी विज्ञान, निगरानी, मॉडलिंग तथा रोग सूचना विज्ञान में संस्थान की प्रगति प्रस्तुत की। आरएसी के सदस्य सचिव, डॉ. एस.एस. पाटिल ने पिछली आरएसी बैठक की सिफारिशों पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट (एटीआर) प्रस्तुत की। विभिन्न अनुसंधान समूहों के प्रमुखों ने गौवंश, लघु जुगाली करने वाले पशुओं तथा सूअरों के रोग महामारी विज्ञान में प्रमुख उपलब्धियों एवं चल रही गतिविधियों के साथ-साथ रोग बुद्धिमत्ता और सामाजिक-आर्थिक विश्लेषण में हुई प्रगति पर प्रकाश डाला।
आरएसी के सदस्यों ने जोखिम-आधारित रोग निगरानी को और सुदृढ़ करने, एनएडीईएन नेटवर्क के माध्यम से लगभग वास्तविक समय में डिजिटल रोग रिपोर्टिंग को बढ़ावा देने तथा पूर्वानुमान आधारित रोग बुद्धिमत्ता और पूर्वानुमान प्रणाली को विकसित करने हेतु रणनीतिक मार्गदर्शन प्रदान किया। समिति ने टीकाकरण कार्यक्रमों के प्रभाव आकलन के महत्व पर भी जोर दिया, जिसमें कवरेज मूल्यांकन एवं सीरो-मॉनिटरिंग शामिल हैं। साथ ही, वन हेल्थ ढांचे के अंतर्गत सहयोगात्मक अनुसंधान को प्रोत्साहित करने की भी सिफारिश की गई।
(स्रोत: भाकृअनुप–राष्ट्रीय पशु रोग महामारी विज्ञान एवं रोग सूचना विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु)







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