16 अप्रैल, 2026, कोलकाता
डॉ. एस.एन. झा ने आज भाकृअनुप–राष्ट्रीय प्राकृतिक रेशा इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संस्थान का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने संस्थान परिसर में नव-निर्मित लिफ्ट सुविधा का उद्घाटन किया। इस अवसर पर डॉ. डी.बी. शाक्यवार, विभिन्न प्रभागों के प्रमुख, कर्मचारीगण तथा सीपीडब्ल्यूडी अधिकारी उपस्थित रहे।

डॉ. झा ने इस लंबे समय से अपेक्षित सुविधा को साकार करने हेतु संस्थान के प्रयासों की सराहना की और कहा कि इससे कर्मचारियों, सेवानिवृत्त कार्मिकों तथा आगंतुकों, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों को काफी लाभ मिलेगा। अपने संबोधन में उन्होंने संस्थान की पहचान तथा प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए एकजुटता, समर्पण, समयबद्धता एवं जवाबदेही के महत्व पर जोर दिया।
इसके बाद कर्मचारियों के साथ एक संवाद बैठक आयोजित की गई, जिसमें डॉ. शाक्यवार ने संस्थान की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला तथा भाकृअनुप मुख्यालय से निरंतर प्राप्त मार्गदर्शन एवं सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
दोपहर बाद “न्यू एज फाइबर्स: वर्तमान स्थिति और भविष्य की संभावनाएं” विषय पर विचार-मंथन सत्र आयोजित किया गया, जिसका संयुक्त आयोजन भाकृअनुप-निनफेट तथा भारतीय प्राकृतिक रेशा सोसायटी ने किया।
इस दौरान फाइबर मशीनीकरण एवं रोबोटिक्स, तथा आधुनिक फाइबरों के मूल्य संवर्धन एवं प्रसंस्करण पर तकनीकी प्रस्तुतियां दी गईं।

संस्थान ने उन्नत कॉटनाइजेशन प्रक्रिया के माध्यम से जूट–कॉटन मिश्रित लिनन प्रेरित कपड़ा विकसित करने की अपनी तकनीक भी प्रदर्शित की। इससे 30S Ne तक का सूत तथा 100 GSM का हल्का, सांस लेने योग्य कपड़ा तैयार किया गया, जो परिधान उद्योग के लिए उपयुक्त है। यह तकनीक भाकृअनुप-निनफेट के सहयोग से विकसित की गई है और इसका सफल विस्तार अरविंद लिमिटेड में किया जा चुका है।
इस अवसर पर फार्मडो प्राइवेट लिमिटेड तथा भाकृअनुप-निनफेट के बीच दो समझौता ज्ञापनों (MoAs) पर हस्ताक्षर किए गए। इनमें (i) अनानास एवं केले के रेशों से वीगन लेदर उत्पादों के उत्पादन हेतु लाइसेंसिंग, तथा (ii) अनानास एवं केले के रेशों के निष्कर्षण हेतु कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC) की स्थापना शामिल है।
(स्रोत: भाकृअनुप-राष्ट्रीय प्राकृतिक फाइबर अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान, कोलकाता)







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