29 जून, 2026, आनंद, गुजरात
भाकृअनुप-औषधीय एवं सुगंधित पौधा अनुसंधान निदेशालय (भाकृअनुप-डीएमपीआर), आनंद, गुजरात ने अपने मेडी-हब टेक्नोलॉजी बिजनेस इन्क्यूबेशन (मेडी-हब, टीबीआई) के माध्यम से 22-26 जून, 2026 के दौरान हर्बल एक्सट्रैक्ट्स व्यवसाय की स्थापना-5 (एसएचईबी-5) पर 5 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया। मेडी-हब टीबीआई, राष्ट्रीय कृषि नवाचार निधि (एनएआईएफ), भाकृअनुप के अंतर्गत स्थापित एक कृषि व्यवसाय इन्क्यूबेटर है। एसएचईबी-5 का मुख्य उद्देश्य औषधीय एवं सुगंधित पौधों (एमएपीएस) के क्षेत्र में व्यवसाय विकास को गति प्रदान करना है। डॉ. मनीष दास, निदेशक, भाकृअनुप-डीएमएपीआर, आनंद, गुजरात, ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की।
अपने संबोधन में डॉ. मनीष दास ने भारत में हर्बल एक्सट्रैक्ट्स व्यवसाय की संभावनाओं पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि औषधीय एवं सुगंधित पौधों का उपयोग कर बड़ी संख्या में हर्बल एक्सट्रैक्ट्स तैयार किए जा रहे हैं, जिसके कारण यह व्यवसाय तेजी से विकसित हो रहा है। उन्होंने बताया कि न्यूट्रास्यूटिकल्स एवं आहार अनुपूरकों, कार्यात्मक खाद्य एवं पेय पदार्थों, कॉस्मेटिक्स एवं पर्सनल केयर उत्पादों, पशु आहार अनुपूरकों तथा खाद्य फ्लेवरिंग एवं मसाला ओलियोरेज़िन के निर्माण में हर्बल एक्सट्रैक्ट्स का उपयोग उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है।

देश के विभिन्न भागों से औषधीय एवं सुगंधित पौधों (एमएपीएस) क्षेत्र में नवीन व्यावसायिक विचार रखने वाले कुल आठ प्रतिभागियों ने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया। प्रतिभागियों को औषधीय एवं सुगंधित पौधों के दायरे एवं महत्व, उनकी खेती, हर्बल एक्सट्रैक्ट्स की तैयारी, गुणवत्ता परीक्षण तथा तैयार उत्पादों के विकास में उनके उपयोग से संबंधित विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
प्रतिभागियों ने मेडी-हब, टीबीआई के सफल इन्क्यूबेटीज़ के साथ भी संवाद किया तथा हर्बल एक्सट्रैक्ट्स की तैयारी में शामिल विभिन्न इकाई संचालन को समझने के लिए गुजरात के वडोदरा स्थित एम/एस वासु हेल्थकेयर तथा आनंद स्थित एम/एस फार्माज़ा हर्बल्स प्राइवेट लिमिटेड सहित विभिन्न हर्बल उद्योगों का भ्रमण किया।
(स्रोत: भाकृअनुप-औषधीय एवं सुगंधित पौधा अनुसंधान निदेशालय, आनंद)







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