श्री रामनाथ ठाकुर ने शिलांग दौरे के दौरान राज्य विभागों एवं भाकृअनुप संस्थानों के बीच मजबूत समन्वय पर दिया जोर

श्री रामनाथ ठाकुर ने शिलांग दौरे के दौरान राज्य विभागों एवं भाकृअनुप संस्थानों के बीच मजबूत समन्वय पर दिया जोर

30 अप्रैल, 2026, मेघालय

श्री रामनाथ ठाकुर, केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री, ने मेघालय का दौरा कर राज्य में कृषि परिवर्तन के उद्देश्य से संचालित केन्द्रीय क्षेत्र योजनाओं की प्रगति और प्रभाव की समीक्षा की।

अपने दौरे के दौरान श्री ठाकुर ने वीडियो संदेश के माध्यम से किसानों को संबोधित किया। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग के दुष्प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए प्राकृतिक खेती, जैव उर्वरकों तथा वर्मी कम्पोस्टिंग जैसे टिकाऊ विकल्पों को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि दीर्घकालिक मृदा एवं मानव स्वास्थ्य सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने उत्तर-पूर्वी क्षेत्र को दलहन एवं तिलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने तथा कृषि उत्पादकता एवं किसानों की आय बढ़ाने के लिए बेहतर बाजार उपलब्धता सुनिश्चित करने की आवश्यकता भी बताई।

चर्चा के दौरान मंत्री ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के संस्थानों, राज्य विभागों तथा किसान संगठनों के बीच समन्वय को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि उन्नत कृषि तकनीकों का प्रभावी प्रसार हो सके और सरकारी योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर तक अधिकतम पहुँच सके।

Shri Ramnath Thakur Emphasizes Strengthened Convergence among State Departments and ICAR Institutes during Shillong Visit

बैठक में टिमोथी डी. शिरा, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री, मेघालय की गरिमामयी उपस्थिति रही। इसमें फ्रैंकलिन एल. खोबुंग, संयुक्त सचिव (एनआरएम/आरएफएस/आईएनएम), कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, भारत सरकार; आर. निनामालाई, सचिव (कृषि), मेघालय सरकार; ए.के. मोहंती, निदेशक, भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान; तथा संदीप घटक, कार्यवाहक निदेशक, भाकृअनुप-एनईएच क्षेत्र के लिए अनुसंधान परिसर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में मेघालय राज्य कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों तथा विभिन्न भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद संस्थानों के वैज्ञानिकों ने सक्रिय भागीदारी की। इनमें भाकृअनुप-एनईएच क्षेत्र के लिए अनुसंधान परिसर, भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान (ज़ोन VII), भाकृअनुप-राष्ट्रीय पादप आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो क्षेत्रीय केंद्र, भाकृअनुप-केन्द्रीय आलू अनुसंधान केन्द्र तथा पश्चिम खासी हिल्स और जैंतिया हिल्स के कृषि विज्ञान केन्द्र (केवीके) शामिल थे।

बैठक में उन्नत फसल किस्मों के प्रसार, जल-कुशल धान उत्पादन, धान परती भूमि प्रबंधन, अल्प अवधि वाले मोटे अनाजों (श्रीअन्न) को अपनाने, बागवानी क्षमता के उपयोग, प्राकृतिक खेती एवं हरी खाद को बढ़ावा देने तथा किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को मजबूत करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। इन पहलों का उद्देश्य कृषि विकास को गति देना, किसानों की आय बढ़ाना तथा क्षेत्रीय कृषि को अधिक सुदृढ़ बनाना है।

Shri Ramnath Thakur Emphasizes Strengthened Convergence among State Departments and ICAR Institutes during Shillong Visit

इस अवसर पर मंत्री ने भाकृअनुप-एनईएच क्षेत्र के लिए अनुसंधान परिसर द्वारा विकसित प्रौद्योगिकी पॉकेट पुस्तकों का विमोचन भी किया। इन पुस्तकों में हरी खाद, वर्मी कम्पोस्टिंग और मृदा स्वास्थ्य कार्ड जैसे विषय शामिल हैं। इन संसाधनों का उद्देश्य जैविक खेती को बढ़ावा देना, मृदा स्वास्थ्य में सुधार करना, पहाड़ी कृषि को टिकाऊ बनाना तथा किसानों की आजीविका को सुदृढ़ करना है।

यह दौरा संस्थागत समन्वय को सशक्त बनाने, योजनाओं के क्रियान्वयन की दक्षता बढ़ाने तथा क्षेत्र के वंचित किसान समुदायों तक केन्द्रीय क्षेत्र योजनाओं के लाभ समयबद्ध एवं प्रभावी तरीके से पहुँचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।

(स्रोत: भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, ज़ोन VII, बारापानी, उमियाम, मेघालय)

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