13 मार्च, 2026
भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) की 22वीं किस्त का देशभर में लाइव वेबकास्ट के माध्यम से शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) प्रणाली के जरिए लगभग 9.32 करोड़ किसान परिवारों को ₹18,640 करोड़ की राशि हस्तांतरित की। इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक पात्र किसान को ₹2,000 की राशि प्रदान की गई, जो कि प्रति वर्ष ₹6,000 की आय सहायता (तीन समान किस्तों में) का हिस्सा है।
कार्यक्रम के व्यापक प्रसार और सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (भाकृअनुप) के देशभर के विभिन्न संस्थानों ने अपने-अपने परिसरों में इस कार्यक्रम का लाइव वेबकास्ट आयोजित किया। इस अवसर पर वैज्ञानिकों, किसानों, छात्रों, विस्तार कर्मियों तथा अन्य हितधारकों ने एकत्र होकर कार्यक्रम और प्रधानमंत्री के संबोधन को देखा।
भाकृअनुप–राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रबंधन अकादमी, हैदराबाद
भाकृअनुप-राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रबंधन अकादमी (भाकृअनुप–नार्म), हैदराबाद, के कर्मचारियों एवं तेलंगाना के 100 किसानों ने आज भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) की 22वीं किस्त जारी करने के लाइव वेबकास्ट को देखा। इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में किसानों के समर्थन के महत्व पर जोर दिया।

इससे पूर्व, डॉ. गोपाल लाल, निदेशक, भाकृअनुप–नार्म ने उपस्थित किसानों के साथ संवाद किया और उन्हें सतत कृषि के लिए डिजिटल कृषि एवं प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने किसानों को औषधीय पौधों का वितरण भी किया।
वेबकास्ट से पहले, रंगा रेड्डी जिले के किसानों ने भाकृअनुप–नार्म के वैज्ञानिकों द्वारा आयोजित डिजिटल कृषि एवं जैविक खेती पर विशेष सत्रों में भी भाग लिया।
भाकृअनुप–निदेशालय खरपतवार अनुसंधान, जबलपुर
भाकृअनुप–निदेशालय खरपतवार अनुसंधान (भाकृअनुप–डीडब्ल्यूआर), जबलपुर, ने आज प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) की 22वीं किस्त जारी करने के राष्ट्रीय कार्यक्रम का लाइव वेबकास्ट आयोजित किया। इस अवसर पर वैज्ञानिकों, लाभार्थी किसानों, कर्मचारियों, छात्रों तथा अन्य हितधारकों ने भाग लिया और इस राष्ट्रीय कार्यक्रम का अवलोकन किया।
यह राष्ट्रीय कार्यक्रम ज्योति-बिष्णु अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक केन्द्र में आयोजित किया गया, जहाँ भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) प्रणाली के माध्यम से 9.32 करोड़ से अधिक किसानों को ₹18,640 करोड़ से अधिक की राशि हस्तांतरित कर 22वीं किस्त जारी की। इस किस्त के साथ ही पीएम-किसान के अंतर्गत कुल हस्तांतरण ₹4.09 लाख करोड़ से अधिक हो गया है।

भाकृअनुप–डीडब्ल्यूआर में आयोजित वेबकास्ट कार्यक्रम में कुल 229 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें 127 पुरुष और 87 महिलाएं शामिल थीं।
भाकृअनुप–मिथुन पर राष्ट्रीय अनुसंधान केन्द्र, मेडजिफेमा
भाकृअनुप–मिथुन पर राष्ट्रीय अनुसंधान केन्द्र (भाकृअनुप–एनआरसी ऑन मिथुन), मेडजिफेमा, ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) की 22वीं किस्त जारी होने के कार्यक्रम को देखने हेतु एक आयोजन किया, जिसमें कुल 52 किसानों (47 महिलाएं एवं 5 पुरुष) ने भाग लिया। किसानों को इस किस्त तथा योजना के लाभों के बारे में जानकारी दी गई।

कार्यक्रम के दौरान, डॉ. गिरिश पाटिल एस, निदेशक, भाकृअनुप–राष्ट्रीय मिथुन अनुसंदान केन्द्र की उपस्थिति में 50 किसानों को पशुपालन आधारित आजीविका को समर्थन देने हेतु सूअर आहार (पिग फीड) वितरित किया गया। इसके साथ ही एक संवादात्मक सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें किसानों ने पशुपालन से संबंधित अपनी समस्या साझा कीं। इन समस्याओं पर वैज्ञानिकों एवं अधिकारियों द्वारा चर्चा कर समाधान प्रस्तुत किए गए।
भाकृअनुप–कृषि विज्ञान केन्द्र, नामसाई
भाकृअनुप–कृषि विज्ञान केन्द्र, नामसाई, ने जिला कृषि कार्यालय, नामसाई, अरुणाचल प्रदेश के सहयोग से डीसी कॉन्फ्रेंस हॉल, नामसाई में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम किसान) की 22वीं किस्त जारी होने के कार्यक्रम का लाइव स्ट्रीमिंग आयोजन किया, जिसमें 100 किसानों ने भाग लिया।

इस कार्यक्रम में नांग कल्याणी नामचूम, एडीसी, नामसाई, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं और उन्होंने किसानों को सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। डॉ. उत्पल बरुआ, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख, केवीके नामसाई ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की, जबकि नांग रूपा मन्नाओ, जिला कृषि अधिकारी (डीएओ), नामसाई, ने किसानों को पीएम-किसान योजना और इसके लाभों के बारे में जानकारी दी। किसानों ने इस पहल की सराहना की और बताया कि 22वीं किस्त से देशभर के लगभग 9.32 करोड़ किसानों को लाभ मिला है।
भाकृअनुप–राष्ट्रीय कृषि कीट संसाधन ब्यूरो, बेंगलुरु
भाकृअनुप–राष्ट्रीय कृषि कीट संसाधन ब्यूरो (भाकृअनुप–एनबीएआईआर) ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) की 22वीं किस्त जारी होने के अवसर पर एक वर्चुअल कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें 260 से अधिक किसानों ने भाग लिया। कार्यक्रम में जी.के. वेंकटशिवा रेड्डी, विधायक (श्रीनिवासपुरा निर्वाचन क्षेत्र) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि एस. एन. सुशील, निदेशक, भाकृअनुप–एनबीएआईआर की उपस्थिति रही।
डॉ. सुशील ने पर्यावरण अनुकूल कीट प्रबंधन हेतु जैविक नियंत्रण तकनीकों के विकास में संस्थान की भूमिका पर प्रकाश डाला, जबकि मुख्य अतिथि ने किसानों की आय बढ़ाने में पीएम-किसान योजना के महत्व को रेखांकित किया।
कार्यक्रम के अंतर्गत डीएपीएससी एवं एसटी योजना के तहत कोलार और तुमकुर जिलों के किसानों को जैव नियंत्रण इनपुट वितरित किए गए। इसके अतिरिक्त, प्रतिभागी किसानों के लाभ हेतु जैव-नियंत्रण अनुकूल कीट प्रबंधन तकनीकों पर एक प्रदर्शनी भी आयोजित की गई।
भाकृअनुप–केन्द्रीय शुष्क भूमि कृषि अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद
भाकृअनुप–केन्द्रीय शुष्क भूमि कृषि अनुसंधान संस्थान (भाकृअनुप–क्रिडा), हैदराबाद, ने आज प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) की 22वीं किस्त जारी होने के कार्यक्रम का लाइव प्रसारण (वेबकास्ट) देखने हेतु एक कार्यक्रम आयोजित किया। इस वेबकास्ट में भाकृअनुप–क्रिडा के कर्मचारियों तथा क्रिडा मॉडल गाँव, गद्दामल्लैयागुड़ा के किसानों ने भाग लिया। इसके अलावा, इस कार्यक्रम का प्रसारण भाकृअनुप–क्रिडा के अंतर्गत आने वाले कृषि विज्ञान केन्द्रों (केवीके) तथा एआईसीआरपीडीए और एआईसीआरपीएएम केन्द्रों पर भी प्रदर्शित किया गया।

कुल मिलाकर, आईसीएआर–क्रिडा, इसके केवीके तथा एआईसीआरपीडीए/ एआईसीआरपीएएम केन्द्रों में लगभग 570 प्रतिभागियों ने इस कार्यक्रम को देखा। इस पहल के माध्यम से प्रधानमंत्री के संदेश का प्रभावी प्रसार हुआ तथा किसानों के लिए संचालित सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता को सुदृढ़ किया गया।
भाकृअनुप–भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली
भाकृअनुप–भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (भाकृअनुप–आईएआरआई), नई दिल्ली, ने किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) की 22वीं किस्त के राष्ट्रव्यापी जारी कार्यक्रम का लाइव प्रसारण आयोजित किया। इस कार्यक्रम में किसानों, वैज्ञानिकों और अधिकारियों ने एक साथ भाग लेकर इस आयोजन को देखा तथा प्रमुख कृषि पहलों पर प्रकाश डाला गया।

वेबकास्ट से पूर्व, किसानों को आईसीएआर–आईएआरआई के अनुसंधान क्षेत्रों एवं उन्नत कृषि फार्मों का भ्रमण कराया गया, जहाँ उन्हें उन्नत फसल किस्मों, आधुनिक कृषि यंत्रों तथा नवाचार कृषि तकनीकों को देखा। इस कार्यक्रम से किसानों को वैज्ञानिक प्रगति की जानकारी मिली तथा कृषि अनुसंधान और खेत स्तर पर उसके उपयोग के बीच संबंध और अधिक सुदृढ़ हुआ।
(स्रोत: सम्बंधित भाकृअनुप संस्थान)







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