कृषि मंत्री ने मध्य प्रदेश के किसानों से सूक्ष्म सिंचाई, हाइड्रोपोनिक्स और जल-कुशल पद्धतियां अपनाने का किया आग्रह

कृषि मंत्री ने मध्य प्रदेश के किसानों से सूक्ष्म सिंचाई, हाइड्रोपोनिक्स और जल-कुशल पद्धतियां अपनाने का किया आग्रह

8 अक्टूबर, 2026, नई दिल्ली

केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने जल उत्पादकता और कृषि आय बढ़ाने के लिए जल-कुशल कृषि पद्धतियों, सूक्ष्म सिंचाई, फसल विविधीकरण और हाइड्रोपोनिक्स को अपनाने पर जोर दिया। वे आज भाकृअनुप–भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली में “उच्च जल उत्पादकता के लिए सूक्ष्म सिंचाई पर विशेष जोर के साथ उन्नत जल प्रबंधन तकनीक” विषय पर आयोजित दो दिवसीय किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन सत्र के दौरान मध्य प्रदेश के विदिशा, रायसेन और सीहोर जिलों के किसानों के साथ संवाद कर रहे थे। कार्यक्रम का आयोजन मध्य प्रदेश के कृषि रोड मैप के तहत जल प्रौद्योगिकी केंद्र (डब्ल्यूटीसी), भाकृअनुप-आईएआरआई द्वारा किया गया।

Agriculture Minister Urges Madhya Pradesh Farmers to Adopt Micro-Irrigation, Hydroponics and Water-Efficient Practices

डॉ. राजबीर सिंह, उप महानिदेशक (कृषि प्रसार), भाकृअनुप; डॉ. चेरुकमल्ली श्रीनिवास राव, निदेशक, भाकृअनुप-आईएआरआई; डॉ. आर.आर. बर्मन, सहायक महानिदेशक (कृषि प्रसार), भाकृअनुप; डॉ. आर.एन. पडारिया, संयुक्त निदेशक (प्रसार), भाकृअनुप-आईएआरआई; और डॉ. पी.एस. ब्रह्मानंद, परियोजना निदेशक, डब्ल्यूटीसी, भाकृअनुप-आईएआरआई के साथ संस्थान के वैज्ञानिकों और कर्मचारियों ने कार्यक्रम में भाग लिया।

प्रशिक्षण में किसानों को उन्नत जल प्रबंधन तकनीकों से परिचित कराया गया, जिनमें सौर ऊर्जा चालित स्वचालित बेसिन सिंचाई, मल्चिंग के साथ एकीकृत ड्रिप सिंचाई, उप-सतही ड्रिप प्रणाली, औषधीय पौधों और ड्रैगन फ्रूट के लिए स्वचालित ड्रिप फर्टिगेशन, नवोन्मेषी सिंचाई निर्धारण, प्राकृतिक खेती के तहत फूलों की फसलों में जल प्रबंधन, वर्षा जल संरक्षण और जल गुणवत्ता प्रबंधन शामिल थे। प्रतिभागियों ने धान, सोयाबीन, गेहूं, चना और सब्जी फसलों के लिए जल-कुशल किस्मों और पद्धतियों के बारे में भी जानकारी प्राप्त की।

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कार्यक्रम में हाइड्रोपोनिक्स और एक्वापोनिक्स, वर्टिकल फार्मिंग, पॉलीहाउस खेती, एकीकृत कृषि प्रणाली मॉडल, एग्रीवोल्टाइक्स, स्वचालित सिंचाई प्रणाली, अमृत सरोवर, बीज उत्पादन और उन्नत कृषि उपकरणों को प्रदर्शित करने वाली सुविधाओं का क्षेत्र भ्रमण भी शामिल था।

इस पहल का उद्देश्य उन्नत जल प्रबंधन प्रौद्योगिकियों के बारे में किसानों के ज्ञान को सुदृढ़ करना और जल-उपयोग दक्षता तथा कृषि उत्पादकता में सुधार के लिए उन्हें अपनाने को बढ़ावा देना था।

(स्रोत: भाकृअनुप–भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली)

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