18–20 फरवरी, 2026, कोलकाता
पश्चिम बंगाल के सुंदरबन इलाके में मछली पकड़ना रोज़ी-रोटी का एक आवश्यक जरिया बना हुआ है। अनुसूचित जाति उपयोजना के तहत, भाकृअनुप-केन्द्रीय मात्स्यिकी शिक्षा अनुसंधान संस्थान,, कोलकाता, केन्द्र ने पारंपरिक मत्स्य पालक किसानों की क्षमता एवं आय के अवसरों को बढ़ाने के लिए कैनिंग-I में एक खास प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया।

प्रशिक्षण में आधुनिक जलजीव पालन के खास पहलुओं पर फोकस किया गया, जिसमें कैटफ़िश पालन के तरीके, समेकित मछली पालन, मूल्य संवर्धन तथा खेत में बना मछली हेतु चारा तैयार करना शामिल है। इस प्रकार, प्रभावी तरीके से अ सीखने और अपनाने हेतु एक सत्र के साथ व्यावहारिक अभ्यास भी की गईं। पश्चिम बंगाल के कैनिंग-I में सुंदरबन के 100 मत्स्य पालक को आधुनिक जलजीव पालन का प्रशिक्षण दिया गया।

18 से 20 फरवरी, 2026 तक चलाए गए इस प्रोग्राम से सुंदरबन इलाके के 100 लोगों को फायदा हुआ, जिनमें 60 महिलाएं तथा 40 पुरुष थे। इस पहल का मकसद मत्स्य पालक के बीच तकनीकी क्षमता को मजबूत करना और बेहतर जलजीव पालन के तरीकों से आजीविका विकास को सतत रूप से बढ़ावा देना था।
(स्रोत: भाकृअनुप-केन्द्रीय मात्स्यिकी शिक्षा अनुसंधान संस्थान, मुंबई)







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