16 जून, 2026, मऊ, यूपी
देशव्यापी खेत बचाओ अभियान 2026 के तहत, भाकृअनुप-राष्ट्रीय कृषि उपयोगी सूक्ष्मजीव ब्यूरो ने आज उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के परदहा ब्लॉक के ओन्हाइच (Onhaich) गाँव में एक किसान जागरूकता और विस्तार कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में कुल 53 किसानों ने भाग लिया, जिनमें 31 पुरुष और 22 महिला प्रतिभागी शामिल थे।

प्रशिक्षण के दौरान, भाकृअनुप-एनबीएआईएम के विशेषज्ञों ने एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन, मिट्टी के स्वास्थ्य के आकलन के लिए नियमित मृदा परीक्षण, और पोषक तत्वों की उपलब्धता व फसल के प्रदर्शन को बढ़ाने के लिए सूक्ष्मजीवीय प्रौद्योगिकियों के अनुप्रयोग के महत्व पर जोर दिया। प्रतिभागियों को जानकारी दी गई कि कैसे लाभकारी सूक्ष्मजीव कुशल पोषक तत्व उपयोग और टिकाऊ फसल उत्पादन में योगदान करते हैं।
प्रौद्योगिकी प्रसार प्रयास के हिस्से के रूप में, भाग लेने वाले किसानों को भाकृअनुप-एनबीएआईएम द्वारा विकसित एक सूक्ष्मजीवीय जैव-सूत्रीकरण (microbial bioformulation) 'बायो-फॉस' प्रदान किया गया। वैज्ञानिकों ने इसके उपयोग और लाभों के बारे में विस्तार से समझाया, विशेष रूप से मिट्टी में अनुपलब्ध फास्फोरस को घोलने की इसकी क्षमता के बारे में, जिससे पौधों द्वारा पोषक तत्वों का अवशोषण बेहतर होता है और उनकी अच्छी वृद्धि में मदद मिलती है। इसके साथ ही, अरहर की खेती करने वाले किसानों को एक अन्य जैव-सूत्रीकरण 'राइजोअरहर' भी उपलब्ध कराया गया।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को मिट्टी की उर्वरता में सुधार, फसल उत्पादकता बढ़ाने और पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देने में लाभकारी सूक्ष्मजीवों की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में शिक्षित करना था।
(स्रोतः भाकृअनुप-राष्ट्रीय कृषि उपयोगी सूक्ष्मजीव ब्यूरो, मऊ)







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