भाकृअनुप-सिफा, भुवनेश्वर ने आनुवंशिक रूप से उन्नत AhR-जयन्ती रोहू एवं सिपा-अमृत कतला (ट्रेडमार्क) के मल्टीप्लायर यूनिट हेतु एमओयू पर किया हस्ताक्षर

भाकृअनुप-सिफा, भुवनेश्वर ने आनुवंशिक रूप से उन्नत AhR-जयन्ती रोहू एवं सिपा-अमृत कतला (ट्रेडमार्क) के मल्टीप्लायर यूनिट हेतु एमओयू पर किया हस्ताक्षर

1 अप्रैल, 2026, भुवनेश्वर

भाकृअनुप–केन्द्रीय मीठाजल जलीय कृषि संस्थान (भाकृअनुप-सिफा), भुवनेश्वर, ने आज देशभर में चयनात्मक प्रजनन द्वारा विकसित AhR-जयन्ती रोहू और सिफा-अमृत कतला (ट्रेडमार्क) के प्रसार हेतु अधिकृत मल्टीप्लायर यूनिट के रूप में महाराष्ट्र के वेस्ट कोस्ट एक्वाटिक्स इसापुर हैचरी के संचालक श्री नितिन निकम तथा पश्चिम बंगाल के हरे कृष्ण फिश फार्म के श्री अमृता दास के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। यह एमओयू भाकृअनुप-सिफा के 39वें स्थापना दिवस के अवसर पर संपन्न हुआ।

डॉ. पी.के. साहू, निदेशक, भाकृअनुप-सिफा, ने कहा कि संस्थान ने देश में मीठे पानी की मत्स्य पालन (एक्वाकल्चर) के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और मत्स्य किसानों के लिए विभिन्न तकनीकों का विकास किया है। उन्होंने बताया कि AhR-जयन्ती रोहू और सिफा-अमृत कतला (ट्रेडमार्क) का व्यापक प्रसार किसानों के उत्पादन और आय को दोगुना करने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। उन्होंने यह भी जोर दिया कि मल्टीप्लायर यूनिट स्तर पर आनुवंशिक रूप से उन्नत नस्लों की शुद्धता बनाए रखना आवश्यक है, ताकि किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराया जा सके।

यह एमओयू भाकृअनुप-सिफा के 39वें स्थापना दिवस के अवसर पर हस्ताक्षरित किया गया। एमओयू का आदान-प्रदान मुख्य अतिथि पद्म श्री (प्रो.) ए.पी. दास, डॉ. जे.के. जेना, उप-महानिदेशक (मत्स्य विज्ञान एवं कृषि शिक्षा), भाकृअनुप तथा डॉ. प्रदीप कुमार राउत, मुख्य कार्यकारी, ओडिशा कंप्यूटर एप्लिकेशन सेंटर (ओसीएसी), की उपस्थिति में हुआ। इस समझौते के साथ, महाराष्ट्र की वेस्ट कोस्ट एक्वाटिक्स इसापुर हैचरी और पश्चिम बंगाल की हरे कृष्ण फिश फार्म क्रमशः 17वीं और 18वीं मल्टीप्लायर यूनिट बन गई हैं।

एमओयू हस्ताक्षर एवं आदान-प्रदान कार्यक्रम का समन्वय भाकृअनुप-सिफा की आईटीएमयू इकाई द्वारा किया गया।

(स्रोत: भाकृअनुप–केन्द्रीय मीठाजल जलीय कृषि संस्थान, भुवनेश्वर)

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