12 जनवरी, 2026, चेन्नई
भाकृअनुप-केन्द्रीय खाराजल जीवपालन संस्थान ने ओम साई एक्वा की टीम के साथ हाथ मिलाया, जो एक डायनामिक स्टार्टअप है और आज फंक्शनल फीड एडिटिव्स के लिए विशेष रूप से तैयार सेवाएं प्रदान करने के लिए समर्पित है। यह एमओयू पैसिफिक व्हाइट श्रिम्प, पेनायस वन्नामेई की ग्रोथ और जीवित रहने पर मरीन प्रोटीन हाइड्रोलाइज़ेट की उपयोगिता का मूल्यांकन करने हेतु किया गया है।
इस एमओयू पर डॉ. कुलदीप कुमार लाल, निदेशक भाकृअनुप-सिबा, की उपस्थिति में हस्ताक्षर किया गया, जिन्होंने फीड एडिटिव्स के वैज्ञानिक परीक्षण और सत्यापन के महत्व और झींगा पालन में इसकी भूमिका पर प्रकाश डाला। डॉ. के. अंबाशंकर, प्रधान वैज्ञानिक और इस कार्य कार्यक्रम के टीम लीडर, ने इस एमओयू की उत्पत्ति और महत्व के बारे में बताया और खेती की स्थितियों में झींगा पालन में स्वाद बढ़ाने वाले और इम्यून स्टिमुलेंट के रूप में इसके उपयोग के दायरे की रूपरेखा बताई।

ओम साई एक्वा के मैनेजिंग पार्टनर श्री बी. वेंकटेश्वरलू ने इस बात पर जोर दिया कि यह प्रयास निस्संदेह आर्थिक लाभ में सुधार करेगा, नवाचार और विकास में योगदान देगा, और एक्वा फीड में स्थिरता एवं प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करेगा साथ ही मरीन प्रोटीन हाइड्रोलाइज़ेट पर आधारित अनुसंधान समाधान प्रदान करने में अपनी कंपनी की पहलों के बारे में बताया। बैठक का आयोजन संस्थान प्रौद्योगिकी प्रबंधन इकाई द्वारा किया गया था।
(स्रोत: भाकृअनुप-केन्द्रीय खाराजल जीवपालन संस्थान, चेन्नई)







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