भाकृअनुप-सीआईएफआरआई, बैरकपुर ने गंगा जैव विविधता की पुनर्स्थापना एवं देशी मत्स्य संसाधनों के पुनर्जीवन हेतु पश्चिम बंगाल के नवद्वीप में मेगा रिवर रैंचिंग अभियान का किया नेतृत्व

भाकृअनुप-सीआईएफआरआई, बैरकपुर ने गंगा जैव विविधता की पुनर्स्थापना एवं देशी मत्स्य संसाधनों के पुनर्जीवन हेतु पश्चिम बंगाल के नवद्वीप में मेगा रिवर रैंचिंग अभियान का किया नेतृत्व

29 मई, 2026, नवद्वीप

गंगा नदी की पारिस्थितिक अखंडता की पुनर्स्थापना और इसके देशी मत्स्य संसाधनों को पुनर्जीवित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए, भाकृअनुप-केन्द्रीय अंतर्देशीय मत्स्य अनुसंधान संस्थान (सिफरी), बैरकपुर ने प्रमुख नमामि गंगे पहल के अंतर्गत नदिया जिले के नवद्वीप स्थित स्वरूपगंज घाट पर एक बड़े पैमाने का राष्ट्रीय रिवर रैंचिंग कार्यक्रम आयोजित किया।

यह कार्यक्रम डॉ. प्रदीप डे, निदेशक, भाकृअनुप-सीआईएफआरआई, के नेतृत्व में आयोजित किया गया और यह घटती हुई मछली आबादी के पुनर्निर्माण तथा देशी जलीय जैव विविधता के संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक हस्तक्षेप सिद्ध हुआ।

ICAR-CIFRI, Barrackpore Leads Mega River Ranching Drive to Restore Ganga Biodiversity and Revive Native Fisheries in Nabadwip, West Bengal

इस अभियान के तहत लगभग 50,000 मत्स्य फिंगरलिंग्स (लगभग 265 किलोग्राम) जिनमें भारतीय प्रमुख कार्प प्रजातियाँ—रोहू, कतला, मृगल तथा बाटा शामिल थीं—को गंगा नदी में छोड़ा गया, ताकि प्राकृतिक मत्स्य भर्ती को बढ़ावा दिया जा सके और नदी की पारिस्थितिक सहनशीलता को मजबूत किया जा सके।

इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए डॉ. डे ने रिवर रैंचिंग को देशी मत्स्य जैव विविधता के संरक्षण, नदी पारितंत्र के स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने तथा अंतर्देशीय मत्स्य पालन से जुड़े आजीविका स्रोतों की स्थिरता बढ़ाने के लिए विज्ञान-आधारित एक महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने सरकार द्वारा किए जा रहे निरंतर प्रयासों के महत्व को स्वीकार करते हुए पारिस्थितिक सहनशीलता को बढ़ावा देने तथा भावी पीढ़ियों के लिए अधिक स्वस्थ और जीवंत गंगा पारितंत्र के निर्माण में नीतिगत समर्थन, संस्थागत समन्वय और सामुदायिक सहभागिता की निरंतर आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यक्रम के प्रभाव के प्रमाण साझा करते हुए बताया गया कि वैज्ञानिक स्टॉक संवर्धन हस्तक्षेपों के उल्लेखनीय परिणाम प्राप्त हुए हैं। वर्ष 1959 के स्तर की तुलना में प्रयागराज में भारतीय प्रमुख कार्प की आवक में 24.7 प्रतिशत तथा वाराणसी में 41 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो मत्स्य उत्पादकता की पुनर्स्थापना में रिवर रैंचिंग की प्रभावशीलता को दर्शाती है।

ICAR-CIFRI, Barrackpore Leads Mega River Ranching Drive to Restore Ganga Biodiversity and Revive Native Fisheries in Nabadwip, West Bengal

यह पहल राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) के अंतर्गत भाकृनुप-सिफरी के व्यापक नदी पुनर्स्थापना मिशन का हिस्सा है, जिसके माध्यम से संस्थान ने विभिन्न राज्यों में एक करोड़ से अधिक मत्स्य फिंगरलिंग्स के संवर्धन का ऐतिहासिक लक्ष्य हासिल किया है।

इस कार्यक्रम में स्थानीय मछुआरों, हितधारकों तथा समुदाय के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जो सतत मत्स्य प्रबंधन और नदी संरक्षण के प्रति बढ़ती जनप्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस अवसर पर जिम्मेदार मत्स्य दोहन पद्धतियों तथा जलीय आवास संरक्षण पर जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।

(स्रोत: भाकृअनुप-केन्द्रीय अंतर्देशीय मत्स्य अनुसंधान संस्थान, बैरकपुर)

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