21 सितंबर – 5 अक्टूबर, 2026, भुवनेश्वर, ओडिशा
भाकृअनुप-केन्द्रीय महिला कृषि संस्थान, भुवनेश्वर ने 21 सितंबर तथा 5 अक्टूबर 2026 को महिला-अनुकूल पैडल-संचालित नारियल डिहस्कर को अपनाने के लिए स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) एवं महिला किसान रुचि समूहों सहित 85 महिला समूहों को तकनीकी सहायता प्रदान की।
इस पहल के तहत ओडिशा के पुरी जिले की 23 ग्राम पंचायतों के 41 गांवों की महिला लाभार्थियों को शामिल किया गया और इससे अनुसूचित जाति की महिलाओं पर विशेष ध्यान देने के साथ 1,000 से अधिक महिला किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

नारियल का छिलका उतारना एक श्रमसाध्य कार्य है, जिसमें ग्रामीण महिलाओं को अक्सर शारीरिक तनाव, मांसपेशियों में दर्द और हाथ एवं हथेली में चोट लगने का जोखिम रहता है। भाकृअनुप-सीआईडब्ल्यूए द्वारा विकसित पैडल-संचालित डिहस्कर को महिलाओं की एर्गोनॉमिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए, श्रमसाध्यता को कम करने तथा व्यावसायिक सुरक्षा तथा कार्य परिस्थितियों में सुधार के लिए डिजाइन किया गया है।
तकनीक को अपनाने और इसके प्रभावी उपयोग को सुगम बनाने के लिए पुरी जिले के पिपिली, सत्यबादी, ब्रह्मगिरि, कणास और डेलांगा प्रखंडों के सभी 85 समूहों की लाभार्थियों के लिए व्यावहारिक प्रशिक्षण भी आयोजित किया गया।
डॉ. मृदुला देवी, निदेशक, भाकृअनुप-सीआईडब्ल्यूए, ने श्रमसाध्यता कम करने तथा महिला सशक्तिकरण के लिए महिला-अनुकूल प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देने हेतु संस्थान के प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने महिला किसानों की आय और आजीविका के अवसरों को बढ़ाने के साथ-साथ उनकी कार्य परिस्थितियों और दक्षता में सुधार करने के लिए आईसीएआर द्वारा विकसित प्रौद्योगिकियों की क्षमता पर जोर दिया।

यह पहल व्यावसायिक सुरक्षा में सुधार, उत्पादकता बढ़ाने और कृषि एवं कृषि-खाद्य प्रणालियों में महिलाओं की भागीदारी को सुदृढ़ करने वाली महिला-अनुकूल कृषि प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देने के आईसीएआर-सीआईडब्ल्यूए के निरंतर प्रयासों को दर्शाती है।
भाकृअनुप-सीआईडब्ल्यूए ने दोनों कार्यक्रमों के आयोजन में समर्पिता महिला किसान उत्पादक कंपनी, पिपिली प्रखंड और महिला विकास संगठन, सत्यबादी प्रखंड के समूह नेताओं एवं स्थानीय सहायकों के साथ-साथ सभी 23 ग्राम पंचायतों के सरपंचों द्वारा प्रदान किए गए सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। यह पहल क्षेत्र की महिला किसानों के तकनीकी, सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
(स्रोत: भाकृअनुप-केन्द्रीय महिला कृषि संस्थान, भुवनेश्वर)







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