भाकृअनुप-निनफेट ने केन्द्रीय मंत्री श्री राम नाथ ठाकुर के समक्ष नए जमाने की प्राकृतिक रेशा तकनीकी का किया प्रदर्शन

भाकृअनुप-निनफेट ने केन्द्रीय मंत्री श्री राम नाथ ठाकुर के समक्ष नए जमाने की प्राकृतिक रेशा तकनीकी का किया प्रदर्शन

21 फरवरी, 2026, कोलकाता

केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री, श्री राम नाथ ठाकुर ने आज भाकृअनुप-राष्ट्रीय प्रकृतिक रेशा अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान का दौरा किया और उनकी उपलब्धियों, तकनकी संबंधी तरक्की एवं भविष्य के अनुसंधान रोडमैप का अवलोकन किया। उन्होंने बेहतर उत्पादन तरीकों, मूल्य संवर्धन वैल्यू एडिशन तथा नेचुरल फाइबर इनोवेशन के ज़रिए किसानों को सपोर्ट करने में संस्थान के योगदान पर वैज्ञानिक तथा वरिष्ट अधिकारियों के साथ डिटेल में बातचीत की।n.

ICAR-NINFET Showcases New Age Natural Fibre Technologies to the Union Minister Shri Ram Nath Thakur

डॉ. डी.बी. शाक्यवार, निदेशक, भाकृअनुप-निनफेट, ने मंत्री को फ्लैक्स, रेमी, सिसल तथा केले के फाइबर जैसे “नए ज़माने के नेचुरल फाइबर” को बढ़ावा देने वाली नई तकनीक एवं नई संस्थात्मक पॉलिसी के बारे में जानकारी दी। भाकृअनुप-निनफेट के पांच साल के प्लान में बड़े पैमाने पर रिसर्च और मज़बूत तकनीकी हस्तांतरण शामिल है, जिसे इन रेशा के उत्पादन, प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन पर एक राष्ट्रीय योजना का सपोर्ट मिला है ताकि मूल्य श्रृंखला को मजबूत किया जा सके और क्षेत्रीय स्तर की चुनौतियों का सामना किया जा सके।

डॉ. के. नरसैया, सहायक महानिदेशक (पीई), भाकृअनुप, ने शिवराज सिंह चौहान के विज़न के साथ “वन टीम, वन टास्क” दृष्टिकोण के तहत संस्थान की गतिविधि का अवलोकन किया और “वेस्ट टू वेल्थ” पहल में हुई तरक्की के लिए टीम को बधाई दी।

मिनिस्टर ने केले के स्यूडो-स्टेम जैसे खेती के बचे हुए हिस्सों से फाइबर निकालने में हुई तरक्की देखी, जिसमें किसानों की अतिरिक्त आय और टिकाऊ स्रोत के उपयोग की संभावना है। प्रभाग के प्रमुख ने अनुसंधान के नतीजे और क्षेत्रीय स्तर पर असर के बारे में बताया।

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श्री ठाकुर ने संस्थान की कोशिशों की तारीफ की और ज़्यादा अनुसंधान गति, उद्योग समायोजन तथा किसानों तक पहुंचने की अपील की, जिससे किसानों की खुशहाली और आत्मनिर्भरता पक्का करने के लिए भारत सरकार का प्रतिबद्धता सुनिश्चित हुआ।

कृषि मंत्री ने संस्थान द्वारा विकसित किया गया कृत्रिम मेधा (AI) एनजी स्टेशन का भी उद्घाटन किया तथा इस मौके पर एक तकनीकी बुलेटिन भी जारी किया।

(स्रोत: भाकृअनुप-राष्ट्रीय प्राकृतिक रेशा अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान, कोलकाता)

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