15 मई, 2026, नदिया, पश्चिम बंगाल
भाकृअनुप-कृषि विज्ञान केन्द्र (केवीके), नदिया, ने आज चाकदह ब्लॉक के सिलिंदा और नटापुली गाँवों में ग्रामीण किसानों के पशुधन स्वास्थ्य एवं दुग्ध उत्पादन में सुधार के उद्देश्य से पशु स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया।
इन शिविरों के माध्यम से किसानों के घर-द्वार पर ही टीकाकरण, कृमिनाशन, रोग निदान, प्रजनन प्रबंधन तथा वैज्ञानिक परामर्श सेवाएँ उपलब्ध कराई गईं, जिससे पशुओं में होने वाली बीमारियों और आर्थिक नुकसान को कम करने में सहायता मिली।

शिविरों में विशेष रूप से गायों में बांझपन प्रबंधन पर ध्यान केन्द्रित किया गया, जिसमें एनेस्ट्रस (हीट में न आना), बार-बार गर्भधारण में असफलता, गर्भाशय संक्रमण तथा गर्भधारण में देरी जैसी समस्याओं का उपचार शामिल था। किसानों को स्त्री-रोग संबंधी जांच, हार्मोनल उपचार, खनिज पूरक आहार तथा कृत्रिम गर्भाधान की वैज्ञानिक पद्धतियों के बारे में मार्गदर्शन दिया गया, ताकि प्रजनन क्षमता और दुग्ध उत्पादन में सुधार हो सके। साथ ही वैज्ञानिक डेयरी एवं बकरी पालन प्रबंधन संबंधी तकनीकी जानकारी भी प्रदान की गई।

शिविरों के दौरान संतुलित पशु आहार, प्रजनन स्वच्छता, हीट पहचान तथा पशुओं की निवारक स्वास्थ्य देखभाल संबंधी जागरूकता भी बढ़ाई गई। इस प्रकार की पहलों के माध्यम से भाकृअनुप-केवीके, नदिया, पश्चिम बंगाल में सतत पशुधन विकास को बढ़ावा देने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने का कार्य निरंतर कर रहा है।
इस कार्यक्रम से कुल 58 डेयरी एवं बकरी पालन करने वाले किसान लाभान्वित हुए।
(स्रोत: भाकृअनुप-केवीके, नदिया-II, पूर्वी क्षेत्रीय केन्द्र, राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान, कल्याणी)







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