भाकृअनुप-एणजीएफआरआई, मोतिहारी ने सामुदायिक भागीदारी के साथ स्वच्छ भारत दिवस मनाया

भाकृअनुप-एणजीएफआरआई, मोतिहारी ने सामुदायिक भागीदारी के साथ स्वच्छ भारत दिवस मनाया

2 अक्टूबर 2026, मोतिहारी, बिहार

भाकृअनुप–महात्मा गांधी समेकित कृषि अनुसंधान संस्थान, मोतिहारी, बिहार ने 2 अक्टूबर, 2026 को संस्थान परिसर और कुँवरपुर गांव में स्वच्छता, जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से गांधी जयंती और स्वच्छ भारत दिवस मनाया। कार्यक्रम में स्वच्छता शपथ, जागरूकता रैलियों, श्रमदान और ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण के माध्यम से महात्मा गांधी के स्वच्छता, सामुदायिक सेवा और सामूहिक जिम्मेदारी के मूल्यों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।

मोतिहारी के विधायक श्री प्रमोद कुमार ने इस अवसर की शोभा बढ़ाई और प्रतिभागियों को स्वच्छता, जनभागीदारी और सामुदायिक सेवा के माध्यम से महात्मा गांधी के आदर्शों को बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्वच्छ भारत की सफलता सक्रिय नागरिक भागीदारी और स्वच्छ एवं स्वस्थ गांवों, संस्थानों तथा सार्वजनिक स्थानों को बनाए रखने के लिए सामूहिक प्रयासों पर निर्भर करती है।

ICAR-MGIFRI, Motihari Observes Swachh Bharat Diwas with Community Participation

कार्यक्रम की शुरुआत भाकृअनुप-एणजीएफआरआई में हुई, जहां संस्थान के निदेशक डॉ. राघवेंद्र सिंह ने महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित की और संस्थान के कर्मियों को स्वच्छता की शपथ दिलाई। प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए उन्होंने स्वच्छता को व्यक्तिगत अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी का एक आवश्यक घटक बताया तथा स्थायी स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए निरंतर श्रमदान, व्यवहार परिवर्तन और जनभागीदारी का आह्वान किया।

संस्थान परिसर और उसके आसपास स्वच्छता जागरूकता रैली का आयोजन किया गया, ताकि स्थानीय निवासियों को आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ रखने, कचरे का जिम्मेदारीपूर्वक निपटान करने और स्वच्छता पहलों में सक्रिय भागीदारी के प्रति जागरूक किया जा सके। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत आम के पौधे भी लगाए गए, जिससे स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्र बढ़ाने के संदेश को मजबूती मिली।

कुँवरपुर गांव में भाकृअनुप-एणजीएफआरआई के वैज्ञानिकों और कर्मचारियों, किसानों तथा स्थानीय निवासियों ने सामुदायिक श्रमदान और स्वच्छता गतिविधियों में भाग लिया। प्रतिभागियों ने गांव की गलियों और सार्वजनिक स्थानों की सफाई की, कूड़ा-कचरा और अनुपयोगी सामग्री एकत्र की तथा पार्थेनियम और अन्य अवांछित वनस्पतियों को हटाया। इस गतिविधि ने गांव की स्वच्छता को मजबूत करने में संस्थान और समुदाय के बीच सहयोग के महत्व को प्रदर्शित किया।

ICAR-MGIFRI, Motihari Observes Swachh Bharat Diwas with Community Participation

गांव में जागरूकता रैली और संवाद कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसके दौरान ग्रामीणों को कचरे के पृथक्करण, जिम्मेदारीपूर्वक कचरा निपटान, प्लास्टिक कचरे में कमी और जैव-अवक्रमणीय कचरे की कंपोस्टिंग के बारे में जागरूक किया गया। स्वच्छता अभियानों को स्थायी सामुदायिक प्रथाओं में बदलने के महत्व पर भी जोर दिया गया।

कुँवरपुर में निदेशक द्वारा दिलाई गई स्वच्छता शपथ में 100 से अधिक किसानों और ग्रामीणों ने भाग लिया। इस आयोजन ने इस संदेश को मजबूत किया कि सतत स्वच्छता के लिए व्यक्तिगत जिम्मेदारी, सामुदायिक स्वामित्व और सामूहिक कार्रवाई आवश्यक है। साथ ही, इसने स्वच्छ, स्वस्थ और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार समुदायों को बढ़ावा देने के लिए भाकृअनुप-एणजीएफआरआई की प्रतिबद्धता को भी दोहराया।

(स्रोत: भाकृअनुप–महात्मा गांधी समेकित कृषि अनुसंधान संस्थान, मोतिहारी, बिहार)

×