भाकृअनुप–एनआरसीसी बीकानेर द्वारा एनईएच योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में किसान–वैज्ञानिक संवाद एवं इनपुट वितरण कार्यक्रम का आयोजन

भाकृअनुप–एनआरसीसी बीकानेर द्वारा एनईएच योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में किसान–वैज्ञानिक संवाद एवं इनपुट वितरण कार्यक्रम का आयोजन

20 जनवरी, 2026, बीकानेर/असम

भाकृअनुप–राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केन्द्र (एनआरसीसी), बीकानेर, की ओर से एनईएच (नॉर्थ ईस्टर्न हिल/उत्तर–पूर्वी पर्वतीय क्षेत्र योजना) के अंतर्गत असम राज्य के कामरूप जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में तीन दिवसीय (18 से 20 जनवरी, 2026) किसान–वैज्ञानिक संवाद तथा आजीविका संवर्धन हेतु इनपुट वितरण कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

 

डॉ. अनिल कुमार पूनिया, निदेशक, भाकृअनुप-एनआरसीसी, ने आयोजित गतिविधियों के संदर्भ में बताया कि एनईएच योजना के अंतर्गत उत्तर–पूर्वी क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों एवं स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप किसान–वैज्ञानिक संवाद एवं इनपुट वितरण जैसी गतिविधियाँ योजना के प्रावधानों को लक्षित लाभार्थियों तक प्रभावी रूप से पहुँचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की इस योजना के माध्यम से किसानों व पशुपालकों तक वैज्ञानिक नवाचारों से संबंधित अद्यतन जानकारी तथा इनपुट सहयोग का प्रसार संभव हो रहा है, जो उनकी सामाजिक- आर्थिक स्थिति में महत्वपूर्ण सुधार लाने में सहायक सिद्ध हो सकेगा।

   

कार्यक्रम के दौरान डॉ. सागर अशोक खुलापे, वैज्ञानिक (व.वे.), भाकृअनुप-एनआरसीसी, ने पशु आधारित आजीविका के विविध आयामों, वैज्ञानिक पशुपालन पद्धतियों, पशु स्वास्थ्य प्रबंधन, जलवायु–अनुकूल पशुपालन तकनीकों तथा संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग पर विस्तार से जानकारी प्रदान की। उन्होंने पशुपालन को नियमित आय एवं स्वरोजगार से जोड़ने के व्यावहारिक उपायों पर भी प्रकाश डाला।

डॉ. विश्व रंजन उपाध्याय, वैज्ञानिक एवं नोडल अधिकारी, एवं एनईएच योजना, भाकृअनुप-एनआरसीसी, ने संतुलित पोषण, खनिज मिश्रण के महत्व, रोग–निवारण तथा पशु उत्पादकता वृद्धि से संबंधित वैज्ञानिक तथ्यों की जानकारी प्रतिभागियों से साझा की।

   

भाकृअनुप–राष्ट्रीय शूकर अनुसंधान केन्द्र, गुवाहाटी, के वैज्ञानिकों द्वारा भी पशुपालकों तथा स्थानीय गणमान्य नागरिकों एवं प्रगतिशील पशुपालकों ने एनआरसीसी द्वारा को उपयोगी तकनीकी जानकारी इन कार्यक्रमों में प्रदान की गई।

इस कार्यक्रमों के अंतर्गत जिले की रानी तहसील के जन्तीपुर, नबोपुर एवं बोरबकरा तथा राजा पारा तहसील के उमसुर, खोखापाड़ा, जुपांगबाड़ी, रंगामाटी, गरिलिक एवं मटैखार ग्रामों के 600 से अधिक महिला एवं पुरुष किसानों व पशुपालकों को लाभान्वित किया गया।

(स्रोतः भाकृअनुप–राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केन्द्र, बीकानेर)

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