भाकृअनुप-अटारी ज़ोन X, हैदराबाद के अंतर्गत उर्वरकों के संतुलित उपयोग से जुड़े अभियान पर रिपोर्ट

भाकृअनुप-अटारी ज़ोन X, हैदराबाद के अंतर्गत उर्वरकों के संतुलित उपयोग से जुड़े अभियान पर रिपोर्ट

29 मई, 2026, हैदराबाद

29.05.2026 की रिपोर्ट के अनुसार, आंध्र प्रदेश के सर्वाधिक डीएपी खपत वाले शीर्ष 8 जिलों में संचालित उर्वरकों के संतुलित उपयोग पर गहन अभियान के अंतर्गत सहभागी कृषि विज्ञान केन्द्रों (केवीके) द्वारा कुल 5 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिनसे प्रत्यक्ष रूप से 129 किसान लाभान्वित हुआ। इसके अतिरिक्त 2 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें 79 किसानों ने भाग लिया।

कुल 53 किसानों ने कृषि विज्ञान केंद्रों का भ्रमण किया और वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों के साथ संवाद कर उर्वरकों के संतुलित उपयोग तथा मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन पर तकनीकी मार्गदर्शन प्राप्त किया। विभिन्न विस्तार गतिविधियों के माध्यम से अभियान ने प्रत्यक्ष भौतिक संपर्क के जरिए 261 किसानों तक पहुंच बनाई। व्हाट्सएप, फेसबुक, एक्स तथा अन्य डिजिटल माध्यमों सहित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों के जरिए भी व्यापक जागरूकता पैदा की गई, जिससे 1,07,079 किसान एवं हितधारक जुड़े।

कुल मिलाकर अभियान ने 1,07,340 लाभार्थियों तक पहुंच बनाते हुए लक्षित जिलों में उर्वरकों के संतुलित उपयोग, एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन, मृदा स्वास्थ्य सुधार तथा सतत कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूकता में उल्लेखनीय वृद्धि की।

Report on Campaign for Balanced Use of Fertilizers under ICAR-ATARI Zone X, Hyderabad

29.05.2026 की रिपोर्ट के अनुसार, भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान (अटारी), ज़ोन X, हैदराबाद के अंतर्गत कार्यरत 72 कृषि विज्ञान केन्द्रों द्वारा संचालित उर्वरकों के संतुलित उपयोग पर गहन अभियान के तहत आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु और पुडुचेरी में कुल 14 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिनसे 361 किसान लाभान्वित हुआ। इसके अतिरिक्त 23 किसान गोष्ठी/फील्ड डे कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें 29 किसानों ने भाग लिया, जबकि 5 प्रशिक्षण कार्यक्रमों से 385 किसान लाभान्वित हुआ।

अभियान में एक विधायक/सांसद की भी सहभागिता रही, जिन्होंने किसानों को उर्वरकों के संतुलित उपयोग और सतत पोषक तत्व प्रबंधन से संबंधित प्रमुख संदेश दिए। इसके अलावा 12 किसानों ने संवाद बैठकों एवं चर्चाओं में भाग लिया, जबकि 78 किसानों ने कृषि विज्ञान केन्द्रों का भ्रमण कर वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों से तकनीकी मार्गदर्शन प्राप्त किया।

प्रदर्शन गतिविधियों के अंतर्गत संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए 5 हरित खाद (ग्रीन मैन्योरिंग) प्रदर्शन, 5 जैव-उर्वरक प्रदर्शन तथा अन्य श्रेणियों के अंतर्गत 2 प्रदर्शन आयोजित किए गए। विभिन्न विस्तार गतिविधियों के माध्यम से अभियान ने प्रत्यक्ष भौतिक संपर्क द्वारा 879 किसानों तक पहुंच बनाई।

इसके अतिरिक्त व्हाट्सएप, फेसबुक, एक्स तथा अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों के माध्यम से व्यापक प्रसार किया गया, जिससे 62,290 किसान एवं हितधारक जुड़े। कुल मिलाकर अभियान ने 63,169 लाभार्थियों तक पहुंच बनाते हुए पूरे क्षेत्र में उर्वरकों के संतुलित उपयोग, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन तथा सतत कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूकता को उल्लेखनीय रूप से सुदृढ़ किया।

(स्रोत: भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, जोन X, हैदराबाद)

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